नगर निगम कीमासिक बैठक में मर्ज एरिया में रहने वाले हजारों उपभोक्ताओं को पानी के बिलों में रियायत को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मर्ज एरिया में जिन लोगों के पुराने मकान हैं और जिनसे व्यवसायिक दरों पर पानी के बिल लिए जा रहे हैं उन्हें राहत देने की तैयारी की गई है।
नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जो दो महीने के भीतर मर्ज एरिया में आने वाले पुराने भवन मालिकों की सूची बनाएगी और उनके पानी के व्यवसायिक कनेक्शन को घरेलू करने के लिए नगर निगम बायलॉज में बदलाव करने की मंजूरी मांगेगी।
सदन की स्वीकृति के बाद हजारों उपभोक्ताओं का घरेलू पानी का कनेक्शन लेने का रास्ता साफ हो जाएगा। वीरवार को सदन में पानी के आ रहे ज्यादा बिलों को लेकर खूब हंगामा किया गया।
कई पार्षदों ने सदन में कहा कि उपभोक्ताओं को 40 -40 हजार तक पानी के बिल आ रहे हैं और कई जगह पर पानी के बिल बंटे ही नहीं हैं। कई जगह पर पानी के मीटर खराब है और उन्हें बदलने के लिए अब उपभोक्ताओं से कहा जा रहा है कि वह अपने पैसों से इन्हें बदले।
संबंधित अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि पानी के बिलों का फ्लैट रेट होने की वजह से दिक्कत पेश आई। मर्ज एरिया का टैरिफ अब एक ही होगा। जिस उपभोक्ता का बिल अधिक आ रहा है वह बिल लेकर कार्यालय में आए उसे दुरूस्त कर दिया जाएगा।
किसी को घरेलू कनेक्शन तभी दे सकते हैं जब वह मकान का अनापत्ति प्रमाण पत्र दें। इस पर नगर निगम आयुक्त ने कहा कि अगर नगर निगम बायलॉज में बदलाव किया जाता है तो इस शर्त से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। इस पर सदन ने एक सुर में बायलॉज बदलने की मंजूरी दे दी है।