मतदाता सूचियों की गड़बड़ियों के चलते परेशान मतदाताओं को वोटर कार्ड का एपिक नंबर बड़ी राहत देगा। इस नंबर को बूथ लेवल अधिकारी को बताने भर से मतदाता का नाम उसी के वार्ड की बूथ सूची में बिना झंझट के जुड़ जाएगा। इसके लिए सूची से गायब मतदाता को कोई फार्म भरने की औपचारिकता पूरी करने की जरूरत नहीं होगी।
एक से दूसरे वार्ड, एक बूथ से दूसरे बूथ की मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण नाम दर्ज होने के सभी तरह के मामले हल हो जाएंगे। मतदाता चाहे तो अपने बूथ के अधिकारी को मोबाइल पर भी एपिक नंबर बताकर अपना नाम सूची में दर्ज करवा सकते हैं।
जिन मतदाताओं की यह समस्या है, वे सीधे अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क करें और अपना इस एपिक नंबर बताएं।
एपिक नंबर के आधार पर ही मतदाता का नाम उसके असल पते के मुताबिक उसके वार्ड और संबंधित बूथ की सूची में जोड़ा जा सकता है। यह राहत सिर्फ उन मतदाताओं के लिए है, जिनका नाम 2012 में हुए नगर निगम चुनाव की वोटर लिस्ट में नाम था, मगर इस बार या तो है नहीं या किसी और वार्ड की सूची में शामिल हुआ है।
उधर, उपमंडल अधिकारी शिमला शहरी हेमिस नेगी ने माना कि मतदाता के वोटर कार्ड पर अंकित एपिक नंबर से मतदाताओं के नाम सही वार्ड और बूथ की सूची में शामिल करना आसान हो जाएगा। मतदाता इस कार्ड को साथ लेकर आएं या संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को बताएं।
क्या है एपिक नंबर
नगर निगम चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता कार्ड जारी किए गए हैं। एटीएम कार्ड की तरह के इन कार्ड में मतदाता के फोटो के ऊपर एक खास तरह नंबर लिखा गया है जिसमें अंग्रेजी के अल्फाबेट और नंबर लिखे मिलेंगे।
यही एपिक नंबर होता है। यह हर वोटर का यूनिक कोड होता है, जिसके आधार पर मतदाता का पूरा ब्योरा पता किया जा सकता है। इससे वार्ड के हिसाब से मतदाता का नाम तुरंत संबंधित वार्ड और बूथ की सूची में शामिल करना संभव है।
नए मतदाताओं को भरने ही होंगे दावा आवेदन फार्म
उपायुक्त कार्यालय परिसर में इन दिनों मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने, संशोधित करने या फि र कटवाने को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं।
इसके लिए मतदाताओं को नगर निगम मतदाता सूची में दावा आवेदन फार्म भरने की प्रक्रिया चल रही है, जो 21 अप्रैल तक जारी रहेगी। नए मतदाताओं को दावा आवेदन फार्म भरने ही होंगे।
आज जारी होगी मतदाताओं की पहली संशोधित सूची
नगर निगम चुनाव के लिए मतदाता सूची बारह अप्रैल को जारी किए जाने के बाद से अब तक दर्ज दावे और आपत्तियों के आधार पर सूचियों को संशोधित किया गया है।
पहली संशोधित सूची रविवार को उपायुक्त कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर दोपहर बाद तक सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर दी जाएगी, जिसे आम मतदाता देख सकेगा।
10 लोग पहुंचे नाम दर्ज करवाने
उपायुक्त कार्यालय में शनिवार को दस लोग नाम दर्ज करवाने पहुंचे, जिसमें से 2 लोगों ने फार्म भर कर वापस दिए हैं। रविवार को भी यहां काउंटर खुला रहेगा।