शिमला नगर निगम सदन न होने के बावजूद निगम प्रशासन वार्षिक बजट तैयार करने में जुट गया है। इसके लिए प्रशासन ने सभी महकमों से सुझाव मांगें हैं। आय और व्यय की रिपोर्ट तैयार करने को भी कह दिया है। फरवरी तक पूरा बजट तैयार कर लिया जाएगा। हालांकि, हर बजट में शहर की जनता को मिलने वाली सौगातों की घोषणाएं इस बार नहीं होंगी। हर बार नगर निगम फरवरी महीने के अंत में अपना वार्षिक बजट पेश करता है। इसमें शहरवासियों को नई सौगातें देने की घोषणा की जाती है। इस बार फरवरी में बजट पेश होगा या नहीं, इस पर सस्पेंस है।
बिना मेयर और पार्षदों के नगर निगम बजट पेश होना संभव नहीं है। ऐसा नगर निगम इतिहास में पहली बार हो रहा है जब फरवरी में एमसी का बजट पेश नहीं हो पाएगा लेकिन सरकार से फंड लेने के लिए नगर निगम को अपना बजट तैयार करना पड़ता है। इसी आधार पर सरकार की ओर से भी काफी पैसा मिलता है। नगर निगम की वित्तीय हालत अभी काफी कमजोर है। शहर में बीते छह महीने से नए कामों के टेंडर नहीं हुए हैं। ऐसे में सरकार से मिलने वाले पैसों से ही शहर में नए काम शुरू हो पाएंगे।
प्रशासक के बजट पेश करने की चर्चा
नगर निगम सदन न होने की स्थिति में प्रशासक भी बजट पेश कर सकता है। नगर निगम में इसकी भी चर्चा है। हालांकि, ऐसा सरकार की मंजूरी के बाद ही संभव हो सकता है। यदि प्रशासक बजट पेश करता भी है तो वह नगर निगम के नए कामों और आय और व्यय का बजट पेश करेगा। जनता को लुभाने वाली घोषणाएं इसमें नहीं हो पाएंगी। ज्यादातर संभावनाएं यही है कि अभी यह बजट पेश नहीं होगा। निगम सिर्फ सरकार से फंड लेने के लिए बजट तैयार कर रहा है।
विभागों से मांगें है सुझाव
नगर निगम के वार्षिक बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी विभागों से आय और व्यय का ब्योरा मांगा गया है। एक माह के भीतर बजट तैयार कर लिया जाएगा।
-आशीष कोहली, आयुक्त नगर निगम शिमला