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MC Shimla: हिमाचल की राजधानी में वाहनों से ग्रीन फीस वसूली की मोबाइल एप तैयार

Mon, 20 Nov 2023 11:33 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एनएच अथाॅरिटी से हाइवे पर ग्रीन फीस वसूली के लिए बैरियर लगाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद नगर निगम अब दूसरे विकल्प तैयार कर रहा है।  फीस वसूली के विकल्प तैयार होने के बाद नगर निगम इसे शुरू करने का प्रस्ताव सरकार  को भेजेगा।
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शिमला शहर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बाहरी राज्यों के वाहनों से नए साल से ग्रीन फीस की वसूली शुरू हो सकती है। फीस वसूली के लिए नगर निगम ने मोबाइल एप तैयार कर ली है। कंपनी ने निगम प्रशासन के सामने इसकी प्रेजेटेंशन भी दे दी है। अब मोबाइल एप के अलावा फीस वसूली के अन्य तरीकों पर काम किया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार पार्किंग, होटलों में क्यूआर कोड से भी ग्रीन फीस भरने की सुविधा दी जा सकती है।

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एनएच अथाॅरिटी से हाइवे पर ग्रीन फीस वसूली के लिए बैरियर लगाने की अनुमति न मिलने के बाद नगर निगम अब दूसरे विकल्प तैयार कर रहा है।  फीस वसूली के विकल्प तैयार होने के बाद नगर निगम इसे शुरू करने का प्रस्ताव सरकार  को भेजेगा। पिछले आठ साल से नगर निगम ग्रीन फीस वसूली शुरू करने का प्रयास कर रहा है। इस फीस की वसूली से नगर निगम को आय होगी और शहरवासियों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। 

नगर निगम को ग्रीन फीस वसूली से हर साल 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होनी है। कार से 200 रुपये जबकि ट्रैवलर और बस जैसे बड़े वाहनों से 300 रुपये फीस ली जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये शुल्क तय किया गया है। एक बार शुल्क देने के बाद वाहन सात दिन तक छूट मिलेगी।
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ग्रीन फीस वसूली के लिए मोबाइल एप तैयार कर ली गई है। एप के अलावा किन तरीकों से शुल्क भुगतान की सुविधा दे सकते हैं, इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा 
रहा है। -भुवन शर्मा, संयुक्त आयुक्त, एमसी शिमला
 

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टैक्स कटौती के बाद भी राहत नहीं, तीन हजार रोजाना वसूली

सरकार की ओर से बाहरी राज्यों के टूरिस्ट वाहनों पर लगाए गए टैक्स में कटौती के फैसले के बावजूद राहत नहीं मिल पाई है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर 2 नवंबर को बाहरी राज्यों के टूरिस्ट वाहनों पर विशेष पथ कर 3,000 रुपये से घटाकर 500 रुपये रोजाना करने के निर्देश जारी हुए थे। बाहरी राज्यों के पर्यटक वाहनों से दोहरे टैक्स की वसूली अभी भी जारी है। सरकार के आदेश पहली दिसंबर से लागू होने हैं, राहत न मिलने से एडवांस बुकिंग प्रभावित हो रही है।

दुर्गा पूजा और दिवाली टूरिस्ट सीजन के बाद अब विंटर टूरिस्ट सीजन पर भी संकट खड़ा हो गया है। हिमाचल में पर्यटक वाहनों पर लगाए गए दोहरे टैक्स से पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए शिमला, मनाली, धर्मशाला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर होने वाली एडवांस बुकिंग पर दोहरे टैक्स की मार पड़ रही है। बीते सालों के मुकाबले इस साल बुकिंग में तेजी नहीं आ रही।

दोहरे टैक्स से बजट गड़बड़ाने के चलते सैलानी हिमाचल के स्थान पर उत्तराखंड और कश्मीर को तरजीह दे रहे हैं।  सरकार की ओर से लिया गया फैसला दिसंबर से लागू होना है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों को विंटर टूरिस्ट सीजन पिटने की चिंता सता रही है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ का कहना है कि सरकार के फैसले को तुरंत लागू किया गया होता तो पर्यटन उद्योग को राहत मिल सकती थी, फैसला लागू होने में देरी से नुकसान की संभावना है।
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