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Shimla News: एमसी आरक्षण रोस्टर पर कांग्रेस के कदम पर भाजपा की पैनी नजर

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अगली कैबिनेट में रोस्टर एजेंडा लाने की है तैयारी
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रोस्टर जारी होने के बाद ही प्रत्याशी हो पाएंगे तय
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम चुनाव के आरक्षण रोस्टर पर कांग्रेस में खूब माथापच्ची चल रही है। चुनाव अपने पाले में करने के लिए भीतरखाते रोस्टर में कुछ बदलाव करने के प्रयास हैं लेकिन मौजूदा समय में कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे।

अगली कैबिनेट बैठक में चुनाव आरक्षण का एजेंडा ले जाने की पूरी तैयारी है। शहरी विकास विभाग के सचिव भी छुट्टी से लौट आए हैं और उनके अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा रोस्टर के मसले पर कांग्रेस सरकार के फैसले का इंतजार कर रही है। कांग्रेस सरकार इस मसले को कैबिनेट में ले जाती है तो भाजपा भी चुप बैठने के मूड में नहीं है। इसके बाद ही भाजपा इस पूरे मसौदे पर याचिका दायर कर न्यायालय में जंग लड़ेगी। यह दावा भाजपा के वरिष्ठ नेता कर रहे हैं।
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रोस्टर को किस तरह से लागू करना है, इसके लिए राज्य सरकार के आदेशों पर शहरी विकास विभाग ने एक पूरा कैबिनेट एजेंडा तैयार कर सरकार को भेजा था। इस एजेंडे को बीते मंगलवार को होने वाली कैबिनेट में लगाया जाना प्रस्तावित था। लेकिन एजेंडे को नियमों के तहत राज्य चुनाव आयुक्त से मंजूरी लेना अनिवार्य रहता है। राज्य चुनाव आयुक्त के पास जब फाइल गई और वहां से लौटी तो राज्य सरकार के सभी अफसरों ने इसे फिलहाल कैबिनेट में न लगाने का फैसला लिया। सूत्रों के मुताबिक अब राज्य सरकार की ओर से अगली कैबिनेट की बैठक में फिर से मसौदा लाया जा सकता है। भाजपा भी कैबिनेट के फैसले का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही पार्टी इसे चुनौती देने पर फैसला लेगी। पार्टी की ओर से इस पर याचिका बना ली है।
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अप्रैल में हो सकती है चुनाव की घोषणा
प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के बाद शिमला नगर निगम के चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं। 14 मार्च से प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है जो 6 अप्रैल तक जारी रहेगा। ऐसे में मुमकिन है कि अप्रैल में कभी भी आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है।
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