कई दुकानों पर छत तक नहीं पड़ी, 15 जून तक दुकानें तैयार करने के दिए थे निर्देश
इक्का-दुक्का मजदूर ही कर रहे हैं काम
अगले एक साल में कैसे बनेंगी बाकी 464 दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एक तरफ कोरोना की मार तो दूसरी तरफ बरसात के बीच खुले में सामान बेचने की मजबूरी। राजधानी में कई कारोबारियों के लिए स्मार्ट सिटी की दुकानें घाटे का सौदा साबित हो रही हैं।
नगर निगम और हिमुडा ने तीन महीने में नई दुकानें बनाकर देने का सपना दिखाकर इनसे दुकानें तो खाली करवा दीं लेकिन नई दुकानें आठ महीने बाद भी तैयार नहीं हो पाई हैं। मुख्य सचिव ने भी 15 जून तक इनका काम हर हाल में पूरा करने को कहा था। लेकिन इसके एक हफ्ते बाद भी दुकानें तैयार नहीं हैं। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को शहर में चल रहे इस मेगा प्रोजेक्ट का जायजा लिया। मौके पर काम की रफ्तार ऐसी है कि यह दुकानें इस महीने के अंत तक भी तैयार नहीं हो पाएगी। लोअर बाजर टनल के पास छह दुकानें तैयार की जा रही हैं।
दुकानों पर लेंटर तो डाल दिया है लेकिन अंदर की फिनिशिंग देना बाकी है। कई दुकानों का फर्श तक नहीं बना है। शेल्फें लगाने से लेकर बिजली कनेक्शन तक के काम शुरू नहीं हो पाए हैं। मौके पर दो से तीन मजदूर मिले जो एक दुकानें में टाइलें सेट कर रहे थे। इन दुकानों को खाली करने वाले कारोबारियों का काम चौपट पड़ा है। कारोबारी बोले कि पहले पता होता कि इतना समय लगेगा तो कभी दुकानें खाली नहीं करते। कहा कि हिमुडा लेबर नहीं बढ़ा रहा। रोज इक्का-दुक्का मजदूर काम पर आते हैं।
कई दुकानों पर छत तक नहीं डली
सब्जी मंडी में दो जगहों पर नई दुकानें बन रही हैं। सब्जी मंडी मैदान के पास बनीं दुकानों में शेल्फें लग चुकी हैं, शटर भी लगा दिए हैं। अब इनमें बिजली का काम चला है। मौके पर तीन से चार मजदूर काम करते मिले। इनका काम बीते आठ महीने से चल रहा है। कब पूरा होगा, इसका किसी को पता नहीं। सब्जी मंडी में ही सदर के पास बन रही दुकानों की छत तक नहीं डली है। इसकी ऊंचाई कम करनी है या नहीं, इस पर भी काम नहीं हो रहा। मौके पर एक भी मजदूर नहीं मिला। इनमें कारोबार करने वाले कारोबारी भी सड़क पर सब्जियां, फल बेच रहे हैं।
शहर में बननी हैं 467 दुकानें
शहर में प्रीफेब तकनीक से कुल 467 नई दुकानें बननी हैं। एक साल से अभी तक तीन दुकानें ही तैयार हो पाई हैं। बाकी दुकानें कब तक तैयार होंगी, इसका अंदाजा काम की रफ्तार से लगाया जा सकता है। सब्जी मंडी में सबसे ज्यादा दुकानें बनेंगी। इसके अलावा लोअर बाजार, रामबाजार और गंज में भी दुकानें बनाई जानी हैं।