हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम की दुकानें चला रहे 900 से ज्यादा कारोबारियों को अब एकसाथ दो साल के किराया बिल चुकाने होंगे। नगर निगम ने साल 2021 और 2022 के किराया बिल एकसाथ जारी करने का फैसला लिया है। इसी हफ्ते से यह बिल जारी करने की तैयारी चल रही है। शहर में करीब 900 दुकानों समेत नगर निगम की 1300 से अधिक संपत्तियां किराये पर हैं। इनमें लीज पर दी जमीनें भी शामिल हैं। निगम प्रशासन के अनुसार किराये पर विवाद के चलते 2018 से बिल जारी नहीं हो पाए थे।
बीते साल निगम ने यह विवाद खत्म किया जिसके बाद तीन साल के इकट्ठे बिल जारी किए थे। यह बिल 2018 से लेकर 2020 तक तीन साल के थे। ऐसे में इस साल दो साल के बिल एकसाथ दिए जा रहे हैं ताकि अगले साल से बिलिंग व्यवस्था पटरी पर आ जाए। इससे उन कारोबारियों पर बोझ पड़ेगा जिनके किराया बिल ज्यादा हैं। किराया बिलों के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी इस बार कारोबारियों को नहीं मिल पाएगी। नगर निगम ने ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा देने की योजना बनाई थी। लेकिन इसके लिए सारा रिकॉर्ड साफ्टवेयर में अपडेट करना जरूरी है। इस काम में काफी दिन लग जाएंगे। निगम ने इसकी मुहिम तो शुरू कर दी है लेकिन इस साल इसकी सुविधा नहीं मिल पाएगी।
तिब्बती कारोबारियों को पहली बार देंगे बिल
शहर के आजीविका भवन में चल रही तिब्बती मार्केट के कारोबारियों को पहली बार किराया बिल जारी होंगे। निगम ने इनका मासिक किराया 5,000 रुपये तय किया है। आजीविका भवन में 76 तिब्बती कारोबारी और 40 से ज्यादा तहबाजारी शिफ्ट किए जा चुके हैं।
जारी कर रहे हैं किराया बिल
शहर के कारोबारियों को जल्द ही किराया बिल जारी होंगे। इनके ऑनलाइन भुगतान की सुविधा देने की भी योजना थी लेकिन अभी रिकॉर्ड अपडेट कर रहे हैं। ऐसे में अभी कैश काउंटर पर ही बिल जमा हो पाएंगे।
-आशीष कोहली, नगर निगम आयुक्त