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Shimla News: एमसी कर्मचारियों का नोटिस का जवाब, नहीं खाली करेंगे आवास

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पांच सौ करोड़ के व्यावसायिक परिसर का मामला गर्माया, एमसी के नोटिस का वकील के जरिये दिया जवाब
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बोले, पहले रहने का करो बंदोबस्त तभी खाली करेंगे पुराने आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर की लोअर बाजार सब्जी मंडी में 500 करोड़ से बनने वाले व्यावसायिक परिसर का मामला गरमा गया है। यहां पहले बने नगर निगम के सरकारी आवासों को तोड़कर व्यावसायिक परिसर बनाया जाना है। इन परिसरों में रहने वाले 52 कर्मचारियों को नगर निगम ने आवास खाली करने नोटिस जारी किए थे।
अब कर्मचारियों ने नोटिस का जवाब शनिवार को दे दिया है, इसमें कहा है कि पहले उन्हें आवास का बंदोबस्त करें, इसके बाद ही वह पुराने क्वार्टर खाली करें। म्युनिसिपल वर्कर फेडरेशन शिमला के चेयरमैन आशा राम ने यह जानकारी दी है। राजधानी के सब्जी मंडी में कर्मचारियों को कुछ दिनों पहले नगर निगम आयुक्त की ओर से आवास खाली करने को लेकर नोटिस जारी किए थे। नोटिस को कर्मचारियों ने रिसीव भी कर लिया था। इस नोटिस में कर्मचारियों को कहा गया था कि वह एक सप्ताह के भीतर आवासों को खाली करें। ऐसा न किया गया तो बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
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अब शनिवार को म्युनिसिपल वर्कर फेडरेशन शिमला की ओर से नोटिस का जवाब वकील के जरिये निगम को दे दिया है। कर्मचारियों ने जवाब में कहा है कि निगम पहले आवास दे इसके बाद ही आगामी निर्देशों की अनुपालना करेंगे। ऐसा नहीं होता है तो वह पहले की तरह इन्हीं आवासों में रहेंगे। इन कर्मचारियों ने आवासों की मरम्मत पर अपने पैसे तक खर्च किए हैं। यह भी एक वजह है कि यह कर्मचारी जब तक कि बेहतर आवास नहीं मिल जाते खाली करने से गुरेज कर रहे हैं। व्यावसायिक परिसर पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 150 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने जारी कर दिए हैं। अब केंद्र सरकार की एक टीम इसी माह इस परियोजना के लिए चिह्नित जमीन और कार्य शुरू हुआ है या नहीं देखने आ रही है। ऐसे में अगर कर्मचारियों ने आवास खाली नहीं किए तो यह नगर निगम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
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महापौर दिल्ली में उठाएंगे मामला
महापौर सुरेंद्र चौहान रविवार को दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। ऐसे में एआईआर के अधिकारियों के साथ आवासों को उपलब्ध करवाने को लेकर चर्चा करेंगे। हालांकि दूसरी ओर निगम के अधिकारी आवासों को उपलब्ध करवाने को लेकर काम में जुटे हुए हैं। दावा किया जा रहा है कि हेल्थ ब्रांच के करीब 47 आवास हैं। इनमें 25 आवासों में तो रंग रोगन का काम करने की जरूरत है। ऐसे में जो आवास जर्जर हैं, उनको लेकर निगम जल्द टेंडर करके उनकी मरम्मत कार्य शुरू कर देंगे। इसके बाद इन आवासों को कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा।
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