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MC Shimla Election: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा शिमला नगर निगम चुनाव से संबंधित मामला

Wed, 17 Aug 2022 11:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला

सार

अदालत को बताया कि नगर निगम चुनाव पर रोक लगाने वाले आदेशों को सर्वोच्च अदालत के समक्ष चुनौती दी है। इसके बाद प्रदेश हाईकोर्ट की न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है।
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नगर निगम शिमला चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम शिमला के चुनाव से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा गया है। यह जानकारी चुनाव आयोग की ओर से हाईकोर्ट में दी गई। अदालत को बताया कि नगर निगम चुनाव पर रोक लगाने वाले आदेशों को सर्वोच्च अदालत के समक्ष चुनौती दी है। इसके बाद प्रदेश हाईकोर्ट की न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है। हाईकोर्ट ने निगम चुनाव के लिए पांच वार्डों के पुन: सीमांकन वाले आदेशों पर रोक लगा रखी है। चुनाव आयोग ने इस रोक को हटाने की गुहार लगाई थी। अदालत ने इस रोक को हटाने से मना कर दिया था।

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हाईकोर्ट ने पहले ही राज्य सरकार, मंडलीय आयुक्त, उपायुक्त शिमला और राज्य चुनाव आयोग से जवाब-तलब किया था। याचिका में आरोप लगाया है कि नाभा, फागली, टुटीकंडी, समरहिल और बालूगंज वार्डों का पुनर्सीमांकन मनमाने तरीके से किया है। फागली और टुटीकंडी वार्डों के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए नाभा वार्ड के क्षेत्र को कम कर दिया है। पहले की अपेक्षा अब नाभा वार्ड आधा रह गया है। फागली वार्ड को इतना बड़ा कर दिया है कि नगर निगम के सभी वार्डों की अपेक्षा फागली वार्ड का क्षेत्र अधिक हो गया है। इसके अलावा बालूगंज वार्ड का वह क्षेत्र भी समरहिल में मिला दिया जोकि बालूगंज के नाम से ही जाना जाता है। इन वार्डों का पुन: सीमांकन राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से किया गया है जोकि कानून की दृष्टि से गलत है।

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