शुक्रवार को भी इस मामले पर फिर से सुनवाई निर्धारित की गई है। उधर, प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला में पानी के असमान वितरण को लेकर चल रहे मामले में निगम से पूछा कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद पानी बिल अदा न करने वाले होटलों के कनेक्शन क्यों नहीं काटे।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता विजय अरोड़ा ने सरकार को सुझाव दिया कि जब प्रदेश के हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल रात 12 बजे से 3 बजे तक शहर के विभिन्न भागों का दौरा कर वास्तविक स्थिति जानने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं तो सरकार के मंत्रियों और अफसरों को मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़कों पर उतर कर जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।