दिल्ली क्राइम ब्रांच ने चोरी की लग्जरी गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिये नई बनाकर बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय अपराधी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। जांच में इसके तार हिमाचल के बिलासपुर आरएलए कार्यालय से जुड़े पाए गए। 9 जनवरी को पहली प्राथमिकी दर्ज हुई। 20 जनवरी को आरएलए बिलासपुर के वरिष्ठ सहायक को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। यह नेटवर्क हिमाचल, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों में फैला हुआ था। इस रैकेट ने दर्जनों गाड़ियों को फर्जी तरीके से वैध बनाकर बेचा। 26 जनवरी को एसडीएम सोलन डॉ. पूनम बंसल ने भी पुलिस में शिकायत दी कि उनके कार्यालय के एक लिपिक ने अनेक यूजर आईडी एवं मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग करते हुए संदिग्ध गतिविधियां संचालित की। 1 मई को आरोपी गौरव को सोलन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अब तक पांच एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं।
आएलए सोलन व बिलासपुर में हुए फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड हरियाणा के नूंह शहर का है। आरोपी गौरव भारद्वाज से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। उसी ने दिल्ली में मुख्य सर्वर से छेड़छाड़ कर फर्जी आईडी तैयार की थी। पुलिस उसे दबोचने के लिए दबिश दे रही है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे होने के आसार हैं। - टी एसडी वर्मा, पुलिस अधीक्षक, सोलन