फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में शहर से गांवों तक पानी के लिए हाहाकार, शिमला में हालात बेकाबू

Sun, 27 May 2018 01:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में प्रचंड गर्मी के बीच पेयजल के लिए शहर से लेकर गांवोें तक हाहाकार मचने लगा है। सूबे में 250 से ज्यादा पेयजल योजनाएं सूख गई हैं। कई योजनाएं सूखने के कगार पर हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी शिमला में हालात बेकाबू हो गए हैं।

विज्ञापन


कई इलाकों में एक हफ्ते से पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। धरना-प्रदर्शन के बीच लोग पानी के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं। जलस्रोत सूखने से टैंकरों के जरिये भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। अस्पतालों, स्कूलों और दफ्तरों में पीने का पानी नहीं मिल रहा है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी समस्या विकराल हो गई है।

प्राकृतिक चश्मे, बावड़ियां और कुएं भी सूखने लगे हैं। प्रदेश सरकार ने हालांकि तमाम एसडीएम और आईपीएच अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई टैंकरों से करने के आदेश दिए हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन


राजधानी शिमला में लोगों को पांचवें-छठे दिन कुछ देर के लिए पानी मिल रहा है। पर्यटन सीजन के बीच शहर में पानी के अभाव में सार्वजनिक शौचालय बंद हो गए हैं। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे ही हालात बन रहे हैं। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए रात को भी कतारें लग रही हैं। 

विज्ञापन

कहां, क्या है स्थिति

शिमला जिले में 20 से ज्यादा पेयजल योजनाएं बंद
शिमला जिले में करीब 20 से अधिक परियोजनाएं पानी सूखने के चलते लगभग बंद कर दी गई हैं। दर्जनों परियोजनाएं ऐसी भी हैं, जिनमें पानी की सप्लाई नाममात्र रह गई है। 

मंडी जिले में 72 पेयजल योजनाएं सूखी
मंडी जिले में 72 बड़ी पेयजल योजनाएं सूख गई हैं, 950 योजनाओं का 20 से 30 फीसदी तक जलस्तर गिर चुका है।

कुल्लू में पेयजल सप्लाई के बुरे हाल
कुल्लू में कहीं पंद्रह दिन तो कहीं महीने भर से पानी नहीं आ रहा। जिले में आईपीएच विभाग की 701 पेयजल योजनाओं में 75 सूख गई हैं।

बिलासपुर की 23 योजनाओं में पानी की गिरावट 
जिले में करीब 12 योजनाओं में 25 फीसदी और करीब 11 योजनाओं में 50 फीसदी तक जल स्तर घटा है।

हमीरपुर में 31 फीसदी योजनाएं ठप
हमीरपुर जिले की 169 पेयजल योजनाओं में से 31 यानी 25 फीसदी सूख चुकी हैं। लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है

सोलन में 50 प्रतिशत योजनाओं में पानी नहीं
सोलन में 50 प्रतिशत पेयजल योजनाओं में पानी सूख चुका है। गिरि और अश्वनी खड्ड में जल स्तर कम होने से दिक्कतें आ रही हैं। 

सिरमौर जिले में भी पेयजल संकट
जिले की 1220 में 79 पेयजल योजनाओं पर असर पड़ रहा है। नाहन डिवीजन में 48, नौहराधार में पांच और पांवटा साहिब में 26 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। 
 
चंबा में 30 फीसदी जल स्रोत सूखे 
चंबा जिले में करीब 30 प्रतिशत प्राकृतिक जल स्रोत सूख गए हैं। 50 प्रतिशत जल स्रोतों में पानी कम हो गया है। 

ऊना में 66 योजनाएं ठप
जिले की कुल 207 पेयजल स्कीमों में से 66 प्रभावित हुई हैं। 40 फीसदी स्कीमें बंद हैं। इससे करीब 37 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। 

कांगड़ा में 26 स्कीमों में 25 फीसदी पानी घटा 
जिले में धर्मशाला सर्कल की 417 पेयजल योजनाओं में से 26 में 25 प्रतिशत तक पानी कम हो गया है। देहरा उपमंडल की पांच पेयजल योजनाओं में 50 प्रतिशत तक पानी कम है। 
 
मंत्री की अपील, पानी का सही इस्तेमाल करें- आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि पानी का किफायत से इस्तेमाल करें। इस समय पानी की सबसे ज्यादा समस्या शिमला शहर में है। गुम्मा, अश्वनी और नौटी खड्ड में ऐसे इंतजाम किए हैं, जिससे चार एमएलडी पानी और बढ़ेगा।

गिरि नदी में भी पानी की क्षमता बढ़वाने को एसडीएम ठियोग को कहा है कि वह प्राइवेट पंप फिलहाल बंद करवाएं। एक्सईएन शिमला में थे, उनको बोल दिया गया है कि जहां भी दिक्कत है, वहां पेयजल का प्रबंध करेें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें