इसी दौरान दो संदिग्ध गाड़ियों ने उसकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया। टनल के पास दोनों गाड़ियों ने उसकी कार को घेरने की कोशिश की, लेकिन सुरेंद्र ने गाड़ी भगा दी। पीछा करते हुए हमलावर बलोह टोल प्लाजा तक पहुंच गए। जैसे ही सुरेंद्र ने टोल पर गाड़ी का शीशा नीचे किया, करीब छह युवक उसकी ओर लपके और मारपीट पर उतर आए। शिकायत में बताया कि हमलावरों की मंशा भांपकर वह गाड़ी छोड़ मौके से भाग गया और दूर जाकर घुमारवीं थाना में फोन कर पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंची, आरोपी गाड़ी लेकर फरार हो चुके थे। गाड़ी में डेढ़ लाख रुपये, 6300 रुपये पर्स में, दो मोबाइल व अन्य सामान मौजूद था। 20 घंटे बाद भी पुलिस को गाड़ी या आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस उपाधीक्षक चंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज किया गया है। टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी कर्मी बनकर ठेके से शराब ले गए युवक
उधर, खुद को आबकारी एवं कराधान विभाग का कमी बताकर दो युवकों ने एक शराब ठेके से जबरन दो बोतलें उठा लीं। अब इस मामले की शिकायत मिलने के बाद झंडूता पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता पंकज राव ने बताया कि 6 जून को शिमला गए थे। सेल्समैन ने बताया कि उस दिन दो व्यक्ति ठेके पर पहुंचे और खुद को आबकारी एवं कराधान विभाग का अधिकारी बताकर दबाव बनाते हुए शराब की दो बोतलें मुफ्त में ले गए। पंकज राव ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में यह साफ देखा गया कि दोनों व्यक्ति न तो सरकारी कर्मी थे और न ही उनके पास कोई पहचान थी।