शहीद सूबेदार शशि कुमार शर्मा की पार्थिव देह दूसरे दिन भी नादौन स्थित उनके पैतृक गांव गलोल नहीं पहुंच सकी। खराब मौसम की वजह से वीरवार को जम्मू कश्मीर के उधमपुर से सेना का हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका। लिहाजा, अब सड़क मार्ग से शुक्रवार को शहीद की पार्थिव देह उनके घर लाई जाएगी।
वहीं, जालंधर स्थित सेना की 9 कोर की एक टुकड़ी सलामी देने के लिए वीरवार सुबह नादौन स्थित शहीद के घर पहुंच चुकी है। इसमें सेना के कैप्टन, चार जेसीओ और 20 जवान शामिल हैं। शहीद को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि वीरवार सुबह से ही पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां सुजानपुर के चौगान पर तैनात रहीं।
लेकिन शाम छह बजे तक हेलीकाप्टर नहीं आया, जिसके बाद सेना मुख्यालय से सूचना मिली कि खराब मौसम से उड़ान नहीं भरी जा सकती। अब सड़क मार्ग से शुक्रवार सुबह शहीद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचेगा।
शशि कुमार बीते 18 जुलाई को पाक गोलाबारी में राजौरी सेक्टर में ड्यूटी के दौरान घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए सेना के कमांड अस्पताल उधमपुर में भर्ती करवाया गया था जहां बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। शशि कुमार भारतीय सेना की 19 पंजाब रेजिमेंट में सेवारत थे अगस्त में रिटायरमेंट लेकर घर आने वाले थे।
प्रशासन नहीं पहुंचा शहीद के घर
देश के लिए कुर्बान होने वाले शहीद सूबेदार शशि कुमार शर्मा के घर अभी तक जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि, एसडीएम नादौन, तहसीलदार समेत पूरे जिला प्रशासन को शहीद के बारे में पूरी जानकारी है। शहीद के परिजनों और गांव के लोगों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर दुख प्रकट किया है।