वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के हीरो रहे परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन विक्रम बतरा की माता कमल कांत बतरा का बुधवार दोपहर निधन हो गया। वह 77 साल की थीं। उनका निधन हृदयगति रुकने से हुआ है। करीब सवा एक बजे उन्हें हार्ट अटैक आया। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वह समाजसेवा के साथ राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय थीं।
विज्ञापन
वर्ष 2014 में वह हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी रही थीं। हालांकि, चुनाव में हार गईं थीं। अपने पीछे पति जीएल बतरा, बेटा विशाल बतरा, बेटी सीमा सेठी और नूतन सेठी छोड़ गईं। उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कमल कांत बतरा के निधन पर शोक व्यक्त किया है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।