देश के बड़े शहरों की तर्ज पर हिमाचल के दस शहरों में जल्द ही रेहड़ी-फड़ी की थीम मार्केट बनाई जाएंगी। थीम मार्केट के तहत विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग दुकानें बनाई जाएंगी। शहरी विकास विभाग राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के शहरों की सूरत बदलने में जुट गया है।
जिला मुख्यालयों में योजनाबद्ध तरीके से रेहड़ी-फड़ी सजाने के लिए विभाग एजेंसी को नियुक्त करने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने ई-टेंडर के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए हैं। 21 नवंबर को ई-टेंडर की निविदाएं खुलेंगी। शिमला, सोलन, नाहन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, धर्मशाला और चंबा के लिए स्ट्रीट वेंडिंग प्लान बनाया जाएगा। रेहड़ी-फड़ी वालों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देकर आर्थिक सहायता दी जाएगी।
रेहड़ी-फड़ी वालों का सर्वे कर पंजीकरण किया जाएगा। तह बाजारियों को पहचान पत्र दिए जाएंगे। वेंडिंग जोन, नो वेंडिंग जोन तय होंगे। थीम मार्केट तैयार की जाएगी। खाने-पीने, कपड़ों, जूतों की अलग-अलग दुकानें बनाई जाएंगी। दुकानों के परिसर में पीने के पानी, ठोस कचरा संयंत्र, नालियों, शौचालय, स्ट्रीट लाइटों और पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों के बैठने के लिए भी स्थान बनाए जाएंगे।
प्रदेश के दस शहरों में एजेंसी के माध्यम से रेहड़ी-फड़ी वालों को बसाने की योजना बनाई जानी है। इस योजना के लागू होने से स्थानीय बेरोजगार युवकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पहले चरण में दस शहरों को चुना गया है। चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों में भी योजना को शुरू किया जाएगा।
- कैप्टन जेएम पठानिया, निदेशक शहरी विकास विभाग