अत्यधिक ऊंचाई में हवा और पानी की किल्लत के कारण यहां पैदल चलने मात्र से सांस फूल जाती है। ऐसे में इस मैराथन को दुनिया की सबसे साहसिक और जोखिम पूर्ण माना जा रहा है। मैराथन के विजेता को 11 हजार नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इधर, मैराथन शुरू होने से 5 दिन पहले ही कई धावक स्पीति पहुंचकर अभ्यास में जुट गए हैं।
कार्यकारी एडीएम और एसडीएम काजा जीवन सिंह नेगी का कहना है कि चीन बॉर्डर से सटे स्पीति इलाके में स्वच्छता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में यह अनोखी पहल हो रही है। उम्मीद है कि इस हाफ मैराथन में कुछ विदेशी धावक भी शामिल होंगे। इसमें प्रोफेशनल धावक हिस्सा नहीं ले पाएंगे। आयोजन में महिलाएं भी अपने वर्ग में हिस्सा लेंगी।
अब तक 55 ने करवाया मैराथन के लिए पंजीकरण
मैराथन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बीडीओ दफ्तर काजा में अब तक 55 धावकों ने पंजीकरण करवा दिया है।
लद्दाख के खारदुंगला के नाम सबसे ऊंची मैराथन का रिकॉर्ड
दुनिया मे सबसे ऊंचे स्थान पर मैराथन का रिकॉर्ड लद्दाख के खारदुंगला के नाम दर्ज है। इसे दुनिया का सबसे मुश्किल अल्ट्रा मैराथन का नाम दिया गया। यह मैराथन 72 किमी की थी।