ढाबा में काम करे हरदीप से ने बताया कि हादसे से पहले पूरे भवन में हंसी मजाक सहित सब लोग खुश थे। इस दौरान आर्मी की एक बस उनके ढाबे के साथ रुकी जिसके बाद उसमें से आर्मी जवान अंदर आए।
इनमें से कुछ ऊपरी मंजिल और कुछ उससे निचली वाली मंजिल में बैठे। जिसके बाद उनसे खाने का ऑर्डर लिया गया। वह किचन में खाना तैयार कर रहे थे और तंदूर में रोटी सेंक रहे थे। तभी जमीन हिलने लगी और भवन नीचे की ओर ढहने लगा।
जैसे ही भवन धंसने लगा, उसने वैसे ही वहां से छलांग लगा दी। इससे वह हादसे में बाल-बाल बच गया जबकि उसके अन्य साथी उसमें फंस गए। इसके बाद पूरा भवन नीचे बैठ गया और चीख पुकार शुरू हो गई। इस कारण वे काफी देर तक एकदम सदमे में रहे।