जिला शिमला के उपमंडल जुब्बल की खनाशनी पट्टी सहित शुराचली क्षेत्र के करीब दस गांवों में शुक्रवार शाम अचानक हुई ओलावृष्टि ने सेब बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। चार से दस मिनट तक गिरे तेज ओलों ने सेब की फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित गांवों में धानसर, खरशाल, कंदरोट, झाल्टा, गिल्टाड़ी, कवाल्टा, झड़ासली, झगटान, कोठू, मांदल, भोलाड़ और छुपाड़ी शामिल हैं। उधर, ऊना में दोपहर के समय गर्म हवा चलने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
ऊना में शुक्रवार को इस सीजन का सबसे अधिक पारा दर्ज हुआ। कांगड़ा में साल 2022 में अप्रैल के दौरान पारा 39 डिग्री रहा था, शुक्रवार को तापमान 37.2 डिग्री रहा। धर्मशाला में 2022 में 36 डिग्री पारा पहुंचा था, शुक्रवार को 33.1 डिग्री रहा। इसी प्रकार सोलन में 2022 में पारा 36 डिग्री था, शुक्रवार को 33.5 डिग्री रहा। इन क्षेत्रों में 2023, 2024 और 2025 में रिकॉर्ड हुआ अधिकतम तापमान शुक्रवार के पारे के मुकाबले कम रहा था।
इसके अलावा मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार से गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई है। 28 से 30 अप्रैल तक भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
कहां कितना रहा अधिकतम तापमान
ऊना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41.4, बिलासपुर 38.0, कांगड़ा 37.2, सुंदरनगर 36.3, मंडी 36.2, बरठीं 35.7, नाहन 35.1, भुंतर 34.5, सोलन 33.5, धर्मशाला 33.1, शिमला 27.6, मनाली 26.8 और ताबो में 21.1 डिग्री सेल्स्यिस दर्ज किया गया।