पठानकोट-मंडी नेशनल हाइवे पर शनिवार रात को एक बड़ा हादसा हो गया। एनएच पर उरला- जोगिंद्रनगर के पास कोटकरूपी में रात के अंधेरे में पहाड़ी दरकी और अपने साथ यात्रियों से भरी दो बसों सहित कई अन्य वाहनों को भी ले गई। चंद सेकेंड में तबाही का जो भयावह मंजर देखने को मिला, उसे बयां करना कठिन है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे खुद मौके का जायजा लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस की टीमें रेस्कयू में लगी हुई हैं। प्रशासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। स्थानीय लोग भी रेस्कयू में मदद कर रहे हैं।
इस हादसे में कई और लोगों की जान जाने की आशंका है अभी तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 50 के दबे होने की आशंका है। शनिवार रात दो बजे के करीब पहाड़ी से मलबा गिरा और कई वाहनों को अपने साथ दूर तक ले गया।
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बताया जा रहा है कि कोटकरूपी में दो बसें रात को चाय-पानी के लिए रुकी थीं। इसके अलावा कई और वाहन भी यहां पर खड़े थे। जैसे ही ऊपर से पहाड़ी दरकी दोनों बसों के अलावा वहां पर खड़े कई और वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गए। एचआरटीसी की बसों में एक कटड़ा-मनाली रुट पर जा रही बस थी।
बस के चालक ने ऊपर से मलबा आता देखा और सवारियों को भागने को कहा। वहीं चम्बा से मनाली जा रही बस में हताहतों की संख्या अधिक हो सकती है। ये बस मलबे के साथ एनएच से 1 किलोमीटर नीचे बह गई है। इस बस में 45 सवारियां होने की आशंका है। इसके अलावा वहां आसपास खड़े कई और वाहन भी मलबे में दफन हो गए हैं।