कंपनी ने मशीन पहुंचाने के लिए शकराला में खोदी थी सड़क
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वन विभाग ने रुकवाया काम, डैमेज रिपोर्ट काटी अमर उजाला ब्यूरो शिमला। शहर के साथ लगते चमयाणा में सड़क खुदाई से निकले मलबे से निचली ओर स्थित जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे जंगल में कई पेड़ टूट गए तो कई पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने काम रुकवा दिया है। साथ ही कंपनी के खिलाफ 1.90 लाख रुपये की डैमेज रिपोर्ट काटी है।
वन विभाग के अनुसार शकराला से ढली तक फोरलेन का निर्माण होना है। अभी इसका काम शुरू नहीं हुआ है लेकिन कंपनी ने अपनी मशीनरी मौके पर पहुंचाने के लिए सड़क की खुदाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने डंपिंग साइट न होने के बावजूद खुदाई शुरू कर दी और जंगल में मलबा भर दिया। विभाग के अनुसार इस खुदाई से निकला काफी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर निचली ओर स्थित जंगल में पहुंच गए हैं। इससे कई पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। शिकायत मिलते ही बुधवार को वन विभाग की एक टीम डीएफओ कृष्ण कुमार की अगुवाई में चमयाणा पहुंची और निरीक्षण किया। विभाग की टीम ने मौके पर सड़क खुदाई का काम भी रुकवा दिया है।
नुकसान का आकलन करने के लिए बनाई समिति वन विभाग ने इस क्षेत्र में सड़क की खुदाई से जंगल को पहुंचे नुकसान का आकलन करने के लिए सात सदस्यीय समिति का भी गठन कर दिया है। इसमें तीन रेंज अधिकारी भी शामिल किए हैं। यह समिति इस क्षेत्र में घूमकर पेड़ों को पहुंचे नुकसान का आकलन करेगी। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पेड़ों को दस लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने पर कंपनी के खिलाफ केस भी दर्ज हो सकता है। वन विभाग के डीएफओ कृष्ण कुमार ने बताया कि जांच समिति का गठन किया गया है। कंपनी के खिलाफ डीआर काटकर मौके पर काम भी रुकवा दिया है।