शिव चेलों के पवित्र डल को तोड़ने से लेकर शुक्रवार देर शाम तक 20 हजार शिव भक्तों ने पवित्र डल में आस्था की डुबकी लगाई। शुक्रवार को सुबह से डल झील में डुबकी लगाने का सिलसिला आरंभ हुआ। यह देर रात तक जारी रहा।
इसी के साथ ही मणिमहेश की यह पवित्र भी संपन्न हो गई। देश-विदेश सहित विभिन्न राज्यों के शिव भक्तों ने पवित्र डल झील में स्नान किया। पूरी रात मणिमहेश में शिव भक्तों ने शिव महिमा का गुणगान किया।
शुक्रवार सुबह से स्नान से सिलसिला शुरू हो गया। मान्यता है कि कैलाश पर्वत पर मणी दिखने के बाद स्नान शुरू होता है। यात्रा समाप्त होते ही 13 सेक्टरों पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी अब वापसी कर लेंगे।
यात्रा के दौरान 350 अधिकारी-कर्मचारी और 750 के करीब पुलिस जवान तैनात रहे। भरमौर स्थित हेलीपैड से लेकर गौरीकुंड के लिए हवाई सेवा प्रदान करने वाली दोनों कंपनियों के चौपर शिवभक्तों की सहूलियत के लिए उड़ानें भरते रहेंगे।
एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने बताया कि पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान वीरवार दोपहर बाद से लेकर शुक्रवार देर शाम तक बीस हजार शिवभक्तों ने पवित्र डल में डुबकी लगाई है।
वहीं होशियारपुर से आए शिव भक्तों की टोली ने डेढ़ क्विंटल वजनी व 31 फीट लंबा त्रिशूल मणिमहेश में स्थापित किया है। शिव भक्तों ने यह त्रिशूल होशियारपुर से हड़सर तक मालवाहक वाहन से पहुंचाया। त्रिशूल को हड़सर से डल झील तक पैदल पहुंचाया गया।