न्यास के पास इतना बजट नहीं होता है कि वे यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवा पाए। सरकार की ओर विभिन्न हेडों से दिए जाने बजट से ही यात्रा के प्रबंध किए जाते हैं। मणिमहेश न्यास को चढ़ावे, हेलीकॉप्टर, घोड़े, खच्चर व कुलियों के पंजीकरण तथा पार्किंग से आय होती थी।
इस बार पार्किंग फीस को लेकर स्थानीय विधायक की आपत्ति पर यात्रियों से पार्किंग फीस नहीं ली जाएगी। ऐसे में मणिमहेश न्यास के बजट में और कमी आएगी। ऐसे में न्यास आय जुटाने के अन्य विकल्प तलाश रहा है।
एडीएम पृथी पाल सिंह ने बताया कि न्यास की वेबसाइट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द वेबसाइट तैयार हो जाएगी। देश-विदेश में रहने वाले शिव भक्त मणिमहेश न्यास के वेबसाइट अकाउंट में दान कर सकेंगे। इससे न्यास की आय में बढ़ोतरी होगी।