उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक, रिपोर्ट तलब
प्रशासन ने चिह्नित किए हैं चार से पांच स्थान, मुख्य सड़कों के किनारे होंगी शिफ्ट, शहर में कम होगा यातायात को बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर से सब्जी और अनाज और लकड़ी मंडी समेत अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों को बाहर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने सभी महकमों को एक हफ्ते के भीतर इन मंडियों को बसाने के लिए जमीन का चयन करने के निर्देश दिए हैं। शहर से बाहर हाइवे या मुख्य सड़कों के किनारे इन्हें स्थापित करने की योजना है।
इस संबंध में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सोमवार को विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें रिपोर्ट दी गई कि मैहली, शनान समेत शहर की सड़कों के किनारे चार से पांच स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां मंडियों को बसाया जा सकता है। उपायुक्त ने अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा ताकि इसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जा सके। जिला प्रशासन इस विषय पर कारोबारियों के साथ पहले भी बैठक कर चुका है।
अनाज और सब्जी मंडी को बाहर शिफ्ट करने की योजना पिछले दस साल से कागजों में अटकी है। कई बार बैठकें हुईं, लेकिन योजना धरातल पर नहीं उतर सकी, जिससे कारोबारी परेशान हैं। शिमला व्यापार मंडल भी कई बार इस मुद्दे पर शहरी विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक से मिल चुका है।
शहर में कम होगा जाम, बढ़ेगा कारोबार
मुख्य मंडियां बाहर शिफ्ट होने से शहर में यातायात जाम से राहत मिलेगी और कारोबार भी बढ़ेगा। इस समय सब्जी, अनाज और लकड़ी मंडी शहर के बीचोबीच चल रही हैं। इन मंडियों में पार्किंग की भारी कमी है। इस कारण लोग खरीदारी से परहेज कर रहे हैं और कारोबार घट रहा है। कभी यहां से किन्नौर और रामपुर तक राशन सप्लाई होता था, अब उपनगरों के लिए भी सप्लाई नहीं हो रही।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एएसपी रत्न नेगी, उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा, नगर निगम शिमला, कृषि विपणन बोर्ड और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।