आरोपी ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने का पूरा प्रयास, लेकिन तीसरी आंख से नहीं बच पाया
वहीं छात्रा की निर्मम आरोपी ने वहां से भागकर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का पूरा प्रयास किया। अपनी पहचान छुपाने का आरोपी ने पूरा प्रबंध कर रखा था, लेकिन तीसरी आंख से वह नहीं बच पाया। साथ लगते एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वह दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसको कुछ दूरी पर नगला नाले के निकट झाड़ियों के बीच से खोज निकाला।
बैंजी गांव छावनी में बदल गया
घटना की सूचना मिलते बैंजी गांव छावनी में बदल गया। सरकाघाट के डीएसपी संजीव कुमार गौतम पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने पुलिस जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। गुस्साए ग्रामीणों को शांत करवाकर करीब दो घंटे में आरोपी को भी काबू कर लिया।
खून से लथपथ बेटी का शव देख बेसुध हुईं मां हर आंख हुई नम, ढाढ़स बंधाते रहे परिजन
घटना की सूचना मिलते ही मां मौके पर पहुंची। वह खून से लथपथ बेटी का शव देखकर खुद को संभाल नहीं पाईं और बिलख-बिलख कर बेसुध हो गईं। मां की चीख पुकार से पूरा इलाका दहल उठा और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। कुछ ही समय पहले बेटी हंसती-मुस्कराती घर से निकली थी। करीब 15-20 मिनट के भीतर खुशहाल माहौल मातम में बदल गया। घटना स्थल के आसपास खड़े लोग भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। मृतक छात्रा के पिता बद्दी में ट्रक चालक हैं। बड़ी बहन अपने पिता के साथ बद्दी में ही नौकरी करती है। जबकि, छोटी बहन ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है। साधारण परिवार की इस होनहार बेटी की इस तरह हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
मासूम की हत्या से भड़का जनाक्रोश, अभिभावकों में डर का माहौल
जिले में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम सरकाघाट उपमंडल के गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव का है। यहां 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा के हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। छात्रा की हत्या के बाद स्थानीय लोग भड़क उठे हैं। अभिभावकों में भी डर का माहौल है, खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।
जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह पहली घटना नहीं है, बल्कि बीते कुछ माह में कई गंभीर वारदातें सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि जिले में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
हाल में हुईं बड़ी आपराधिक घटनाएं
-12 फरवरी 2026 को मंडी के कोटली उपमंडल के सपलोह में घरेलू हिंसा विवाद में गुस्साए पति ने पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
-2 मार्च 2026 को रिवालसर में 78 वर्षीय बौद्ध भिक्षु ओरजे शोकी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
-22 मार्च 2026 को बल्ह घाटी के लोहारा में दादा ने पोते पर गोली दागकर उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
-25 फरवरी 2026 को गांव भजेरा गांव की महिला का देर रात अपर गरोडू के नजदीक उनका शव बरामद हुआ।
-14 नवंबर 2025 को मंडी शहर के सैन मोहल्ला में करीब 6 बजे एक पति ने अपनी पत्नी पर तेजाब से हमला कर उसे छत से धक्का दे दिया था।
10 जून 2025 जोगिंद्रनगर की द्रुब्बल पंचायत के द्रोबड़ा गांव में बेटे पर पिता की हत्या करने का आरोप।
आबादी के बीच वारदात से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
गोपालापुर पंचायत के बैंजी गांव में दिनदहाड़े छात्रा की हत्या की घटना से क्षेत्र में दहशत है। घटनास्थल के आसपास महज 10 मीटर की दूरी पर आगे-पीछे आबादी होने के बावजूद इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नैण गांव के बलदेव चंद ने कहा कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब बच्चों को अकेले नहीं भेजा जा सकता है। अगर आबादी के बीच भी लोग सुरक्षित नहीं हैं तो हालात बेहद चिंताजनक हैं। रीनू देवी ने कहा कि अब बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजने में डर लगने लगा है। रूप लाल ने कहा कि महिलाओं के लिए भी हालात सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में गोशाला जाने या खेतों में काम करने में डर लगने लगा है। पंडित सतपाल ने कहा कि इस घटना के बाद लोग अकेले बाहर निकलने से भी कतराने लगे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, जिससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।