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मंडी: जहरीली शराब मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की आर्थिक जांच ईडी को सौंपी

Tue, 01 Feb 2022 09:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर(मंडी)

सार

जहरीली शराब रैकेट में शामिल पांच लोगों के खिलाफ आर्थिक जांच ईडी को सौंप दी गई है और दिनों में अन्य प्रमुख आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सूबत भी ईडी को जांच के लिए सौंप दिए जाएंगे। मंगलवार शाम को सुंदरनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजपी संजय कुंडू ने यह जानकारी दी। 
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डीजीपी संजय कुंडू के साथ एसआईटी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर में जहरीली शराब मामले के कारोबार में एक को छोड़कर अन्य 10 प्रमुख आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इस कारोबार से जुड़े रैकेट को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। रैकेट में शामिल पांच लोगों के खिलाफ आर्थिक जांच ईडी को सौंप दी गई है और दिनों में अन्य प्रमुख आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सूबत भी ईडी को जांच के लिए सौंप दिए जाएंगे। मंगलवार शाम को सुंदरनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजपी संजय कुंडू ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया पुलिस इस मामले में जहरीली शराब के उत्पादन से जुड़े रंगीलू राम को तलाश रही है। वह ऊना का है और जल्द सलाखों के पीठे होगा। उन्होंने कहा कि यह जांच पुलिस के लिए हिमाचल में एक नया अनुभव था।

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लेकिन जिस तरह से पुलिस ने टीम वर्क की तरह काम किया और इस रैकेट में जुड़े सभी प्रमुख 19 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। जिनमें से 11 न्यायिक हिरासत और 8 पुलिस रिमांड पर हैं। जिनसे पूछताछ लगातार जारी है। आने वाले दिनों में इस रैकेट में शामिल कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। रैकेट में शामिल पांच लोगों के खिलाफ आर्थिक जांच ईडी को सौंप दी गई है और दिनों में अन्य प्रमुख आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सूबत भी ईडी को जांच के लिए सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने बताया पुलिस ने मामला संज्ञान में आने के बाद महज 72 घंटों में ही इस रैकेट का पर्दाफाश कर दिया था। इस मौके पर एसआईटी इंचार्ज डीआईजी मधुसूदन, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एएसपी विवेक चैहल, थाना प्रभारी सुंदरनगर अंकुर शर्मा व बल्ह कमलेश कुमार भी मौजूद रहे।

10 दिन में 10 हजार किमी सफर
10 दिनों में एसआईटी ने करीब 10 हजार किलोमीटर का सफर तयकर इसमें शामिल सभी प्रमुख आरोपियों को हिरासत में ले लिया। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में एसआईटी ने रात दिन की गई मेहनत को खूब सराहा है। इस रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस का पूरा सहयोग रहा। जिसके चलते ही टीम मामले का पूरी तरह से पर्दाफाश करने में सफल हो सकी। 
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रोजाना बनती थी नकली शराब की 150 पेटी
काले कारोबार से जुड़े आरोपी रोजाना नकली शराब की 150 पेटी शराब बनाते थे। रैकेट से जुड़ा मुख्य किंगपिन गौरव उर्फ गौरु इस धंधे में 15 सालों से जुड़ा हुआ था। जिसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। पुलिस के पकड़े जाने से डर से यह बार बार अपना ठिकाना भी बदलते रहते थे। उन्होंने कहा कि एरिया डिस्ट्रीब्यूटर रोजाना इस धंधे में 3000 से लेकर 4500 रुपये कमाते थे। जो इनके आगे फुट सैलर थे, वे भी मोटी कमाई करते थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। जिन्हें आने वाले दिनों में मीडिया से शेयर किया जाएगा।

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