प्रदेश सरकार मंडी और मनाली शहर को अमृत योजना में शामिल करने का प्लान तैयार कर रही है। शिमला और कुल्लू शहर पहले से ही अमृत योजना में शामिल हैं। अब सरकार मंडी और मनाली को इस योजना में शामिल करना चाहती है।
शहरी विकास विभाग में इसका खाका तैयार किया जा रहा है। जल्द ही मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अमृत योजना में शहर को शामिल करने के लिए 1 लाख जनसंख्या का होना या फिर नदी के साथ लगते क्षेत्रों के 60 और इससे अधिक आबादी वाले शहरों को लिया जा सकता है।
प्रदेश सरकार पहले सोलन और नाहन को इस योजना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर रही थी लेकिन दोनों शहरों की आबादी 1 लाख से कम पाई गई है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मंडी और मनाली को इस योजना में शामिल करने का फैसला लिया है। विभाग का मानना है कि यह दोनों शहर नदी किनारे हैं। ऐसे में इसके लिए आबादी की समस्या आड़े नहीं आएगी।
योजना के फायदे- शहरों को अमृत योजना में शामिल किए जाने से लोगों को 24 घंटे आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, ट्रांसपोर्टेशन, पार्क का निर्माण आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केंद्र सरकार इन सुविधाओं को लागू करने के लिए पैसा जारी करेगी।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि मनाली और मंडी को अमृत योजना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही मामले को केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।