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मानव भारती फर्जी डिग्री मामला: एमबीयू ने फर्जी डिग्रियां ही नहीं बेचीं, रिकॉर्ड से भी की छेड़छाड़

Mon, 23 Jan 2023 11:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मानव भारती विश्वविद्यालय को जिस कोर्स की 50 सीटें दी गई थीं, वहां 75 छात्रों को प्रवेश दिया गया। कई कोर्स ऐसे भी कराए गए, जिनकी अनुमति ही नहीं थी।
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फर्जी डिग्री मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मानव भारती विश्वविद्यालय (एमबीयू) फर्जी डिग्री मामले में छात्रों के रिकॉर्ड के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। छात्रों के रोलनंबर तक बदले गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से विनियामक आयोग को छात्रों का गलत रिकॉर्ड दिया गया है। जब भी विनियामक आयोग की टीम विश्वविद्यालय में निरीक्षण करने आती थी, उन्हें गलत आंकड़े बताए जाते थे। हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय और विनियामक आयोग का रिकॉर्ड आपस में मेल नहीं खा रहा है।

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पुलिस एसआईटी अंतिम चार्जशीट तैयार कर रही है। हालांकि चार्जशीट को पहले तैयार कर लिया गया था लेकिन इसमें अभियोजन विभाग ने कुछेक आपत्तियां जताई थीं। ऐसे में यह चार्जशीट वापस एसआईटी को भेजी गई थी। अब इसमें कई तथ्य शामिल किए जा रहे हैं। फरवरी में इसे हाईकोर्ट में पेश किया जाना है। सूत्र बताते हैं कि मानव भारती को जिस कोर्स की 50 सीटें दी गई थीं, वहां 75 छात्रों को प्रवेश दिया गया।

कई कोर्स ऐसे भी कराए गए, जिनकी अनुमति ही नहीं थी। इन कोर्स की सूचना विनियामक आयोग को भी नहीं दी गई। इनकी ग्रीन शीट रजिस्टर में भी एंट्री नहीं हुई है। मानव भारती विश्वविद्यालय की 46000 डिग्रियां पुलिस जांच में पहले ही फर्जी पाई जा चुकी हैं। पुलिस एसआईटी के अनुसार फर्जी तरीके से करवाए गए इन कोर्सों की हजारों फर्जी डिग्रियां देशभर में बेचकर करोड़ों रुपये कमाए गए हैं।
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ऑस्ट्रेलिया में है मुख्य आरोपी राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी
फर्जी डिग्री मामले में मुख्य आरोपी राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी ऑस्ट्रेलिया में है। इन दोनों को भी अंतिम चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है।

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