करीब चार लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री बेचने वाले मानव भारती विश्वविद्यालय ने अपने गोरखधंधे से लाखों युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। हालत यह है कि युवा जहां सरकारी या निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, उनकी डिग्री पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़ी संख्या में युवाओं को उनके नियोक्ताओं ने डिग्री वेरिफाई कराने की चिट्ठियां भी लिख दी हैं। ऐसे में अब फर्जी डिग्री लेने वालों के अलावा उन युवाओं का भविष्य भी अंधकार में जाने की ओर है जिन्होंने दिनरात पढ़ाई कर डिग्री हासिल की थी।