हर चोटी ने उन्हें धैर्य, साहस और कभी हार न मानने की सीख दी। रजत का कहना है कि फ्रेंडशिप पीक पर 40वीं बार तिरंगा लहराना उनके जीवन के सबसे गर्व भरे पलों में से एक है। उनका सपना है कि वह 100 बार विजय प्राप्त करें और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें। इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद रजत को आज तक सरकार की ओर से किसी प्रकार का विशेष सहयोग या समर्थन नहीं मिल पाया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि हिमाचल और देश में उनके जैसे कई प्रतिभाशाली युवा हैं, जिन्हें सही अवसर और सुविधाएं मिलें तो वे दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर सकते हैं। रजत ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, लोगों को दिया है।