सात माह बाद आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सामरिक महत्व के 485 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। शनिवार को स्तींगरी में बीआरओ के डीजी आधिकारिक तौर पर मार्ग पर सेना के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
मनाली-लेह मार्ग खुलने से जहां सेना सड़क मार्ग के जरिये राशन और रसद लेह तक पहुंचा पाएगी, वहीं सैलानी भी बर्फीली वादियों का नजारा ले जाएंगे। बीआरओ के कमांडेंट कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि इस सामरिक महत्व के मार्ग को बहाल करने में संगठन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कई जगह तो 50 फीट ऊंची बर्फ की दीवार को काट कर सड़क को बहाल किया गया। कर्नल राजेंद्र के अनुसार शनिवार को सीमा सड़क संगठन के डीजी स्वयं स्तींगरी में मनाली-लेह मार्ग की बहाली पर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।