मनाली-सरचू-लेह सड़क पर सरचू में एक सप्ताह के भीतर पुलिस चेक पोस्ट स्थापित की जाएगी। इसी के साथ छह माह बाद इस सड़क के बहाल होते ही पुलिस की हर एक पर्यटक व अन्य वाहनों और गतिविधियों पर पैनी नजर रहेगी। हालांकि, लाहौल-स्पीति प्रशासन ने 16 मई को मनाली-सरचू सड़क को फोर बाई फोर और फोर बाई टू चेन के साथ स्थानीय वाहनों को लेह, लद्दाख की ओर जाने की अनुमति दी है। पर्यटक वाहनों को अभी पटसेऊ से आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब लाहौल-स्पीति पुलिस दुनिया की सबसे ऊंची सड़क मनाली-लेह मार्ग पर स्थित सरचू (14,070 ) में एक सप्ताह में चेक पोस्ट स्थापित करने जा रही है। यह चेक पोस्ट मनाली-लेह के बीच आवाजाही करने वाले हर एक व्यक्ति की मदद करने के साथ ही गतिविधियों पर नजर रखेगी।
सरचू में चेकपोस्ट खुलने के बाद सैलानियों को पटसेऊ से आगे जाने मंजूरी भी दी जा सकती है। बता दें कि दारचा में लाहौल-स्पीति पुलिस की चेक पोस्ट पहले से है। दारचा-शिंकुला-जांस्कर की ओर आवाजाही करने वाले सभी लोगों का वहां पंजीकरण किया जाता है। अब दारचा-सरचू-लेह की तरफ जाने वाले लोगों का भी पहले दारचा चेक पोस्ट में पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने कहा कि परिस्थिति ठीक रहने पर एक सप्ताह में सरचू में चेक पोस्ट स्थापित की जाएगी।
सनद रहे कि देश की सुरक्षा की दृष्टि से मनाली-सरचू-लेह सड़क अति महत्वपूर्ण है। 1999 में कारगिल युद्ध के बाद यह मार्ग अपने सामरिक महत्व को दर्ज करवा चुका है और अब इसे भारतीय सेना की लाइफ लाइन भी माना जाता है। सेना को रसद व गोला बारूद सहित अन्य सामग्री की खेप मनाली-सरचू के रास्ते लेह लद्दाख में कम समय में पहुंचाया जा सकता है।