मगर इससे कठिन सफर शुरू हुआ। बर्फबारी और सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण महिला को पालकी में उठाकर घर तक ले जाना पड़ा। करीब पांच किलोमीटर तक बर्फ की मोटी परत पर कदम दर कदम पालकी उठाकर परिवार के सदस्य और ग्रामीण आगे बढ़े।
करीब दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों ने महिला और बच्चे को सुरक्षित घर पहुंचाकर राहत की सांस ली। स्थानीय निवासी उत्तम सूर्यवंशी, मुलखराज, बजीरू राम, नोरंग, दयाराम, मंजूबाला और मालती देवी के मुताबिक मेड़ा से जखराल 11 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ।
मगरी अभी तक सड़क निर्माण का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। दो महीने से काम बंद है। वहीं, विभागीय अधिकारियों के मुताबिक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण होने के बाद वन विभाग की एनओसी के चलते कार्य बंद है।
बहरहाल, विभागीय एनओसी मिल गई है। इसके तहत जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। सड़क बन जाने से ग्राम पंचायत सूरी और किलोड़ के दो दर्जन गांवों की छह हजार की आबादी को इसका फायदा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पीसी शर्मा का कहना है कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस के चलते कार्य रूका हुआ था। कहा कि अब एप्रुवल मिल गई है। कहा कि जल्द ही शेष कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।