शिमला-धर्मशाला हाईवे पर व्यक्ति ने किया कब्जा
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के मंगरोट में एक व्यक्ति ने शिमला-धर्मशाला पर छह घंटे कब्जा कर रखा। उसने हाईवे पर पत्थर के ढेर लगा दिया, जिससे एक लेन बाधित हो गई है। हालांकि दूसरी लेन से यातायात चलता रहा। सूचना पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यक्ति को वार्ता के लिए बुलाया। इसके बाद उसने हाईवे से पत्थर हटाए। दरअसल, कब्जा करने वाले व्यक्ति की मां के नाम हाईवे की आठ बिस्वा भूमि निकली है, जिसे वह प्रशासन ने वापस मांग रहा है।
मंगलवार सुबह मंगरोट के राजनकांत ने हाईवे पर पत्थरों का ढेर लगा दिया। राजनकांत का कहना था कि उसने प्रशासन को एक सप्ताह में उसकी भूमि वापस करने को कहा था। लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूरन होकर उसे अपनी भूमि पर कब्जा करना पड़ रहा है।
हाईवे पर पत्थरों का ढेर लगाने से एक लेन यातायात के बाधित हो गई। मौके पर लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने राजनकांत को हाईवे से पत्थर हटाने के लिए कहा। काफी देर दोनों पक्षों में बात चलती रही, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने कब्जा करने वाले व्यक्ति को बुधवार को बिलासपुर में वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता का न्योता मिलने के बाद व्यक्ति ने हाईवे से पत्थर हटाए। बता दें कि यह जमीनी विवाद पिछले साल दिसंबर से चल रहा है। दिसंबर में उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगरोट में राजमार्ग के किनारे से राजन कांत शर्मा का खोखे को हटाया गया था।
राजनकांत शर्मा ने तब राजमार्ग उसकी भूमि से होकर गुजरने का दावा कर उस पर खोखा लगा दिया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। मामले कोई परिणाम नहीं निकले पर राजनकांत ने मार्च में फिर सड़क पर खोखा लगा दिया। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने निशानदेही करने का आश्वासन पर राजनकांत ने खोखा हटाया था। इसके बाद निशानदेही की गई, जिसमें राजमार्ग की आठ बिस्वा भूमि राजनकांत के नाम निकली।