हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सरहदी गांव बनगढ़ में 37 वर्षीय युवक ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक गांव के ही कुछ लोगों ने दिलशान मोहम्मद ऊर्फ विपिन पुत्र दिलशाद पर अपने घर में दो जमातियों को शरण देने के आरोप लगाए थे, जिसके चलते एहतियात के तौर पर पुलिस दिलशान को मेडिकल चेकअप के लिए अपने साथ ले गई थी। उसमें कोरोना की आशंका को देखते हुए सैंपल की जांच करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे पुलिस शनिवार शाम को उसके घर छोड़ गई।
पुलिस के मुताबिक जिन दो लोगों को युवक ने अपने घर में रखा था, उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। घर आने के बाद दिलशान अपनी मां से मिला। मां ने उसे गांव में बेवजह बदनाम करने की बात बताई। मृतक की मां ऊषा देवी ने कहा कि वह पूरी तरह से टूट गया था।
रविवार सुबह वह बाथरूम गया, लेकिन बाहर नहीं आया। पत्नी अमनप्रीत कौर ने जाकर देखा तो वह भीतर फंदे ले लटका मिला। चौकी प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि मृतक ने अपनी नसें काटने का भी प्रयास किया है, मौके पर ब्लेड भी मिला है। एसपी ऊना कार्तिकेन गोकुलचंद्रन ने कहा कि मृतक के परिवार की तरफ से अभी कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है, जिसमें युवक पर किसी ने कोई आरोप लगाया हो। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीजीपी सीताराम मरडी ने युवक के लोगों के बायकॉट के चलते आत्महत्या करने को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन लोगों ने संदेह के आधार पर उससे सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर सामाजिक भेदभाव किया, जो कि गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मुश्किल हालात में सब एकजुट रहें और भेदभावपूर्ण व्यवहार न करें।