मृतकों व घायलों की सूची
हादसे में कृष्णा (42) पत्नी नरेश कुमार निवासी जानी निचार, हिमेश कुमार (19) पुत्र नरेश कुमार गांव जानी, सुषमा (47) पत्नी रोशन लाल निवासी ग्रांगे निचार और इंद्र लाल (30) पुत्र हरि लाल निवासी जानी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कृष्णा और हिमेश मां-बेटे थे। कार चालक विद्या कृष्ण (32) पुत्र हरि लाल निवासी जानी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जेएसडब्ल्यू अस्पताल टापरी पहुंचाया गया है। कार्यवाहक एसपी एवं डीएसपी भावानगर राजकुमार ने बताया कि सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि चालक घायल है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
सीएम ने हादसे पर जताया शोक
वहीं सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किन्नौर के भावानगर के समीप जानी लिंक रोड पर एक कार हादसे में चार लोगों के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। कहा कि भगवान दिवंगतजनों की आत्मा को शांति दें और शोक-संतप्त परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।
सड़क पर क्रैश बैरियर होते तो बच जातीं चार जिंदगियां
किन्नौर के टापरी-जानी संपर्क मार्ग पर काल का ग्रास बने चार लोगों की जान बच जाती, यदि सड़क पर क्रैश बैरियर लगे होते। खड़ी पहाड़ी पर बनी करीब छह किलोमीटर सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से न क्रैश बैरियर लगे हैं और न ही पैरापिट। हादसे में मां-बेटे और ननद की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी, बेटे और बहन की मौत से पति नरेश पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जानी गांव में ग्रामीण शिवरात्रि की तैयारियों में जुटे थे, हादसे की सूचना मिलते ही मातम पसर गया है। शिवरात्रि से एक दिन पहले पेश आए हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार होकर पांच लोग टापरी से जानी की ओर निकले थे। हादसे में मां कृष्णा, बेटे हिमेश और ननद सुषमा की मौके पर ही मौत हो गई।
टापरी श्मशानघाट में एक साथ जलीं तीन चिताएं
जानी गांव में जब हादसे की खबर कृष्णा के पति नरेश कुमार और उसके तीन बच्चों को लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं चालक विद्या कृष्ण का छोटा भाई इंद्र लाल (30) भी अकाल मौत का शिकार हो गया। इस सड़क से रोजाना रामनी पंचायत के ग्रामीण सफर करते हैं। हादसे के बाद ग्रामीण सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क पर सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग उठा रहे हैं। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। सुषमा का शव दाह संस्कार के लिए निचार ले जाया गया, जबकि अन्य तीन मृतकों कृष्णा, हिमेश और इंद्र लाल के शव टापरी श्मशानघाट पहुंचाए गए। यहां एकसाथ तीन चिताएं जलीं। जानी गांव के ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने नम आंखों से तीनों को विदाई दी।
प्रशासन ने जारी की फौरी मदद
उपमंडल प्रशासन भावानगर की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को फौरी राहत राशि जारी की गई है। एसडीएम भावानगर नारायण चौहान ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये, जबकि घायल को 10 हजार रुपये की फौरी राहत जारी की गई है।