पीजी में चयनित होने वाले जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसरों को प्रदेश सरकार के साथ दो साल का बॉन्ड भरना होगा। इसमें पीजी पूरी करने के बाद एक साल की अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग भी शामिल होगी। बॉन्ड की राशि 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यानी पीजी पूरी करने के बाद संबंधित डॉक्टर को प्रदेश में निर्धारित अवधि तक सेवाएं देनी होंगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पीजी पूरी करने के बाद डॉक्टर को जॉब ट्रेनी के रूप में बची हुई सेवा अवधि भी पूरी करनी होगी। जॉब ट्रेनी की अवधि पूरी होने के बाद ही पीजी कोर्स के लिए निर्धारित बॉन्ड की अवधि शुरू होगी। इससे पीजी करने वाले जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को पहले अपनी शेष जॉब ट्रेनी सेवा पूरी करनी होगी। संशोधित नीति में स्पष्ट किया गया है कि अनुबंध आधार पर नियुक्त जीडीओ और जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को सरकार की ओर से समय-समय पर अधिसूचित नीति के अनुसार नियमित किया जा सकेगा। इसके अलावा राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से या भर्ती के अन्य निर्धारित तरीकों से भी नियुक्तियां की जा सकेंगी।