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हिमाचल: हाईकोर्ट में सिंघवी का आवेदन खारिज, राज्यसभा चुनाव से जुड़े हर्ष के 18 गवाहों की सूची मंजूर

Fri, 10 Apr 2026 10:55 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने सिंघवी की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भाजपा सांसद हर्ष महाजन की ओर से पेश की गई 18 गवाहों की सूची पर आपत्ति जताई थी।जानें पूरा मामला...
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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राज्यसभा चुनाव से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को हिमाचल हाईकोर्ट से झटका लगा है। न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने सिंघवी की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भाजपा सांसद हर्ष महाजन की ओर से पेश की गई 18 गवाहों की सूची पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सूची को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सबूत पेश करना प्रतिवादी का अधिकार है। केस में कुछ मुख्य मुद्दों को साबित करने की जिम्मेदारी हर्ष महाजन पर है, इसलिए वह अपनी पसंद के गवाहों के माध्यम से पक्ष रखने के हकदार हैं।

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कोर्ट ने सिंघवी की उस दलील को नहीं माना, जिसमें गवाहों की सूची को फालतू और परेशान करने वाला बताया था। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे लगे कि यह केवल समय बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है। सिंघवी की ओर से पहले पेन ड्राइव, जिसमें गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग थी, उसकी सत्यता से इन्कार किया था। कोर्ट ने कहा कि जब दस्तावेज को नकारा गया है, तो प्रतिवादी को उसे गवाहों के जरिये साबित करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मामले को अब 20 अप्रैल को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। उस दिन हर्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने की तारीख तय की जाएगी। अदालत ने दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी है कि मामले में बेवजह स्थगन न मांगा जाए।


 

फरवरी 2024 में सिंघवी और महाजन के बीच हुआ था मुकाबला
फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में मनु सिंघवी और हर्ष महाजन के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा था। इसके बाद पर्ची से हर्ष को विजेता घोषित किया गया। सिंघवी ने इस चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। हर्ष ने अपनी बात साबित करने के लिए गवाहों की सूची अदालत को सौंपी। सिंघवी ने इस पर आपत्ति जताते हुए धारा 87(1) के तहत आवेदन दिया कि इनमें से क्रम संख्या 2 से 14 तक के गवाहों के नाम हटा दिए जाएं, क्योंकि यह केवल सुनवाई में देरी करने की रणनीति है। इसी आवेदन को हाईकोर्ट ने खारिज किया है।

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सच्चाई को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अदालत में भी सच्चाई से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि सच्चाई सामने आएगी और पूरी पारदर्शिता के साथ आएगी। यह सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तथ्य कमजोर हों तो कांग्रेस साक्ष्यों से भागती है, लेकिन भाजपा सच्चाई के साथ खड़ी है और हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार है। इस फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई आगे साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जारी रहेगी।
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सच्चाई को दबाने की हर कोशिश होगी नाकाम : हर्ष
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि सच्चाई को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अदालत में भी सच्चाई से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन न्यायालय ने साफ कर दिया कि सच्चाई सामने आएगी और पूरी पारदर्शिता के साथ आएगी। यह सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तथ्य कमजोर हों तो कांग्रेस साक्ष्यों से भागती है, लेकिन भाजपा सच्चाई के साथ खड़ी है और हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार है। 
 
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