हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के कार्यक्रम में मेजर जनरल जीडी बख्शी ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महान सेनानायक जनरल जोरावर सिंह के योगदान को सराहा। उन्होंने जनरल जोरावर सिंह के सैन्य अभियानों और उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी दी।
भारतीय सैन्य शक्ति के पुनर्जागरण कालखंड के सबसे शूरवीर योद्धा थे जनरल जोरावर सिंह। शनिवार को हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के कार्यक्रम में यह बात मेजर जनरल जीडी बख्शी ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महान सेनानायक जनरल जोरावर सिंह के योगदान पर कही। उन्होंने जनरल जोरावर सिंह के सैन्य अभियानों और उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी दी। बक्शी ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह ने चीनी और तिब्बती सेना के साथ 14000 फीट की बर्फीली चोटियों पर निर्णायक युद्ध लड़ा।
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जनरल जोरावर सिंह ने डोगरा वीरों और लद्दाखी सेनानियों की सेना का एक मजबूत संगठन बनाया और मात्र दो हजार जांबाज सैनिकों के साथ दस हजार चीनी तथा तिब्बती सैनिकों की विशाल सेना के साथ युद्ध किया। जनरल जोरावर सिंह अद्भुत पहाड़ी योद्धा थे। उन्होंने हिमाचल, जम्मू के लोगों से अपील की कि वह वीर योद्धा की जयंती मानने एवं इनसे जुड़ी गाथाओं को जन-जन तक पहुंचने के लिया सरकार से संवाद कायम करें। कार्यक्रम का संचालन एवं संपादन हितेंद्र शर्मा ने किया। इस अवसर पर अकादमी के सचिव डॉ. कर्म सिंह मौजूद रहे।