जिन क्षेत्रों में दो साल से सिंचाई योजनाओं को संचालित किया जा रहा है, वहीं इसका लाभ देने को क्लस्टर बनेंगे। एक क्लस्टर में कम से कम 30 हेक्टेयर क्षेत्र को लेना होगा।
इसमें कम से कम 10 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी होनी चाहिए। बागवानी विकास परियोजना और सिंचाई योजनाओं पर चर्चा करने के लिए 20, 21 और 22 मई को बैठकें बुलाई गई हैं। इनमें तय होगा कि आगे क्या करना है।
कांग्रेस नेताओं और एक बागवान संघ की ओर से हिमाचल को बांटने के आरोप पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह बोले - मैं भी सेब बागवान हूं। मेरे पास भी सेब के दो बगीचे हैं। मैं बगीचों मेें जाकर खुद प्रूनिंग करता हूं। इसलिए मैं बागवानों की परेशानियां समझता हूं।
जो लोग इसकी गलत व्याख्या कर रहे हैं, वे सही नहीं हैं। बागवानी विकास परियोजना पूरे प्रदेश के लिए आई है। प्रधान सचिव बागवानी रहे जेसी शर्मा एक अच्छे ब्यूरोक्रेट रहे हैं। उनका महकमा प्रशासनिक कारणों से बदला गया है।