हिमाचल विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिस वजह से उनके कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वह शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और अपनी गिरफ्तारियां देने को तैयार थे, लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बजाय उन पर लाठियां भांजीं। सोमवार को विधानसभा में यह मामला गूंजा और दोनों पक्षों में तीखी नोक-झोंक हुई।
विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में चले गए और चेयर का घेराव किया और स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट तक स्थगित कर दी। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मजिस्ट्रियल जांच की घोषणा कर दी। अब देखना दिलचस्प होगा कि जांच अफसर किसको नियुक्त किया जाता है।