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Shimla: नशा तस्करों के लग्जरी वाहन, नकदी समेत 17 लाख की संपत्ति जब्त, शिमला पुलिस ने की कार्रवाई

Mon, 27 Jul 2026 06:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू।

सार

 पंजाब के तस्करों के साथ मिलकर सफेद नशा बेचने वाले चिड़गांव के तस्कर से लग्जरी कार समेत 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस संपत्ति में एक लग्जरी कार और नकद राशि शामिल है।
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हिमाचल प्रदेश पुलिस। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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 नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। इसमें नशा तस्करी से अर्जित आय से खरीदा लग्जरी वाहन और नकदी शामिल है। पुलिस ने रोहड़ू थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में यह कार्रवाई की है। मामले में रोहड़ू के महेंदली पुल के पास पंजाब निवासी जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को 83 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 45 हजार रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज स्थापित कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि जशनदीप पंजाब से चिट्टा लाकर रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में सप्लाई करता था। उसके नेटवर्क से आशीष चौहान, नवीन शिट्टा और दीवान चंद को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू को नेपाल सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से तीन एनडीपीएस मामले दर्ज हैं।

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आगे की जांच में पंजाब के फिरोजपुर निवासी मुख्य सप्लायर हरदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के बैंक खातों की जांच में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने 30 मार्च को चिड़गांव निवासी शुभम को गिरफ्तार किया। जांच में उसके और हरदीप सिंह के बीच करीब 10 लाख रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली। शिमला पुलिस ने इस मामले में पंजाब के तीन आरोपियों समेत अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि शुभम ने नशा तस्करी से अर्जित धन से एक लग्जरी वाहन खरीदा था। इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत करीब 17 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।

25 आरोपियों की 4.29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
जिला पुलिस शिमला वित्तीय अन्वेषण के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके तहत पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन नशा तस्करों को तीन महीने के लिए जेल भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अब तक सात मामलों में 25 आरोपियों की 4.29 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। यह इस साल प्रदेश के किसी भी जिला पुलिस बल की ओर से की गई सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। शिमला पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
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जिला पुलिस नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए सभी मोर्चों पर कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करी में शामिल लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है और आदतन नशा तस्करों को जेल भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में एक और मामले में 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। संदेश स्पष्ट है कि नशे से अर्जित कमाई को जब्त कर तस्करी के नेटवर्क पर चोट की जा रही है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला

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