प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर 83 रुपये सस्ता हो गया है। फरवरी महीने में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को 628 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। शिमला शहर में होम डिलीवरी के लिए उपभोक्ताओं को 50 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे। पहल योजना (डीबीटीएल) से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार 190.27 रुपये की सब्सिडी बैंक खाते में लौटाएगी।
गैस सब्सिडी छोड़ चुके उपभोक्ताओं को वैट का साढ़े सात रुपये शुल्क भी चुकाना पड़ेगा। फरवरी महीने में योजना से नहीं जुड़ने वालों को 635.50 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा। उधर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 163 रुपये घटे हैं। इस महीने 1187 रुपये में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर मिलेगा। 70 रुपये के डिलीवरी चार्जिस अतिरिक्त देने होंगे।
जनवरी महीने में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 711 और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 1350 रुपये था, जबकि दिसंबर में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 663 और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 1272 रुपये था। पहली फरवरी से पूरे प्रदेश में गैस सिलेंडरों के बढ़े हुए दाम लागू होंगे।
1.40 लाख उपभोक्ताओं की बंद है सब्सिडी- हिमाचल में 1.40 लाख उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद है। दस लाख रुपये की सालाना आय वालों की केंद्र सरकार ने सब्सिडी बंद कर दी है। इसके दायरे में प्रदेश के कई वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, एचएएस, एचपीएस, डॉक्टर,
क्लास वन और क्लास टू अफसर आ रहे हैं। इसके अलावा हजारों उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर गैस सब्सिडी स्वयं छोड़ दी है। प्रदेश में करीब 14 लाख रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं।