चर बनाने के लिए पहले जमीन को खोद गया है और इसमें लकड़ियां डाल कर इसके ऊपर बड़े बर्तन रख कर खाना बना जा रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों और अन्य अधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था होटल हॉलिडे होम में की जाती है। ऐसे में होटल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर पुराने पारंपरिक चूल्हे को फिर से सक्रिय किया है। होटल कर्मचारियों के मुताबिक गैस की कमी के कारण समय पर भोजन तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लकड़ी पर खाना बनाने में अधिक समय लगता है और इसके लिए अतिरिक्त श्रम भी लगाना पड़ रहा है।
इस दौरान सभी व्यवस्थाएं इस तरह की जा रही हैं कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता न हो। इसके अलावा पीटरहॉफ, चायल और कसौली सहित अन्य एचपीटीडीसी के होटलों में लकड़ी पर खाना बनाया जा रहा है। होटल हॉलिडे होम के डिप्टी जरनल मैनेजर रविंद्र संधू ने बताया कि होटल में विधानसभा, पार्टी और शादी सहित बड़े समारोह का खाना लकड़ियों पर ही तैयार किया जा रहा है। वहीं इसके अलावा छोटे कामों जैसे चाय बनाया, दूध गर्म करना सहित अन्य चीजों के लिए व्यवसायिक इंडक्शन का प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि मेन्यू में कटौती की गई है। इन दिनाें होटल में चाइनीज खाना नहीं पक रहा है। इसमें गैस की ज्यादा खपत होती है।
एचपीटीडीसी के अधिकतर होटलों में विकल्प के तौर पर लकड़ियों पर खाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक और डीजल संचालित उपकरण भी स्थापित किए जा चुके हैं ताकि सैलानियों को हर प्रकार की सुविधा दी जा सके। - डॉ. राजीव कुमार, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम
एलपीजी की थोड़ी कमी, मंत्रालय से बात करेंगे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के होटलों और रेस्टोरेंट में एलपीजी की थोड़ी कमी महसूस हुई है। वह इस मुद्दे पर पेट्रोलियम मंत्रालय से बात करेंगे। सुक्खू ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय केंद्र सरकार के अधीन आता है और वह इस मामले को उनके सामने उठाएंगे।