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अनूठी परंपरा: यहां लोटे और नमक से तय होते हैं वोट

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हिमाचल के दूरदराज क्षेत्र गिरीपार में चुनावों के दौरान अनोखी परंपरा है। वोट हासिल करने के लिए आज भी प्रत्याशी लोटा-नूण (नमक) से कसम दिलवाते हैं। पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही लोटा-नूण से वोट हासिल करने का दौर शुरू हो गया है। लोटा तथा नमक की कसम मजबूत कसम मानी जाती है। इस कसम को ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा माना जाता है।
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पुराने जमाने में यह कसम एक प्रकार से अदालत का काम करती थी। जो सच अदालत में भी साबित नहीं होता था उसे साबित कराने के लिए लोटा नमक कसम खिला कर साबित किया जाता था। अब इस परंपरा के जरिए ही लोगों के वोट हासिल करने की कोशिश की जाती है। ग्रामीण इलाकों में यह आज भी प्रचलित है।

ऐसे पूरी की जाती है पंरपरा

लोटा तथा नमक की कसम दिलाते समय नेता एक पानी से भरे बर्तन यानी लोटे में मतदाता के जरिये नमक डलवाता है। कसम दिलाई जाती है कि अगर संबधित वोटर दूसरी पार्टी को अपना वोट डालेगा तो जिस तरह नमक पानी में गल जाता है उसी प्रकार व्यक्ति भी यानी वोट देने वाला भी नमक की भांति गल जाएगा। यानि उसे वादा तोड़ने की खुद ही सजा मिल जाएगी।

ऐसे में वोटर को संबंधित उम्मीदवार को ही वोट डालना पड़ता है। हालांकि ज्यादातर यह परंपरा चुपचाप ही निभाई जाती है लेकिन आज भी कई इलाकों में यह खूब चलती है। इस बार भी प्रत्याशी वोट को अपने लिए पक्का करने के लिए लोटा तथा नमक प्रथा अपना रहे हैं। हालांकि, कई स्थानों से लोटा नमक पर से विश्वास धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।
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पर्ची दिखाओ और ठेके से उठा लाओ लालपरी

पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही लालपरी का खेल भी शुरू हो गया है। पर्ची सिस्टम से शराब की खेप को इधर से उधर पहुंचाया जा रहा है। शराब के ठेके में नेताजी की पर्ची दिखाकर काम चल रहा है। ऊना के ग्रामीण इलाकों में शराब की ब्लैक बिक्री भी खूब हो रही है। पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों में शराब से मतदाताओं को रिझाने का दौर शुरू हो गया है।

ठेका मालिकों से सांठगांठ हो चुकी है। मतदाताओं को पर्ची सिस्टम से अलग-अलग ब्रांड की शराब बांटी जा रही है। इससे ठेका मालिकों को धंधा जोरों पर है। वोटरों को अलग-अलग कोड लगाकर पर्ची दी जा रही है और मतदाता उन पर्चियों के सहारे ठेकों से बोतलें ले रहे हैं। प्रत्याशियों ने शराब आवंटन का यह काम अपने एक खास आदमी को दे रखा है।

ज्यादा रसूख और मतदाताओं पर पकड़ रखने वाले व्यक्तियों के घर तक शराब पहुंचाई जा रही हैं। मतदाता अजय वर्मा, देवराज सिंह, रामपाल, दयाराम, राम कुमार, केवल, सेवा राम ने बताया कि ग्रामीणों इलाकों में मतदाताओं को शराब की बोतलें घर भी पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, पर्ची सिस्टम से भी शराब मुहैया करवाई जा रही हैं।
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