इन आंकड़ों के मुताबिक शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी की सीट शाहपुर में 1010 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। पूर्व राजस्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर के जोगिंद्रनगर हलके में 1162 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल कर कई लोगों को चौंका दिया। तत्कालीन मंत्रियों और मौजूदा मंत्रियों की सीटों पर भी नोटा का सैकड़ों लोगों ने इस्तेमाल किया।
जैसे परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के मनाली में 323, कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा के लाहौल स्पीति में 70, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर के धर्मशाला में 525 और उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह के जसवां परागपुर में 342, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के शिमला में 322, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल के कसौली में 503 और ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा के मंडी हलके में 580 लोगों ने नोटा को चुना। हालांकि, मतदाताओं ने नोटा का यह बटन हर सीट पर ही दबाया। ज्यादातर सीटों पर आंकड़ा तीन अंकों में है।
जयराम, वीरभद्र और धूमल की सीटों पर भी दबा नोटा का बटन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सराज सीट पर 378, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अर्की में 530 और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के सुजानपुर में 485 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के हरोली में 448, कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हलके में 210 और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की सीट पर 256 लोगों ने नोटा का ही चुनाव किया।