इन गांवों को लिया है गोद
गोद लिए कौलांवालाभूड व कोटी पधोग में एमपी लैड से प्रति पंचायत को 15 -15 लाख रुपये दिए हैं। पंचायत में 40 के करीब कामों को सेल्फ में डाला गया, जिनमें से 10 काम ही शुरू हो पाए। कोटी पधोग में गत जनवरी माह में छह विकास कार्यों के लिए साढ़े नौ लाख स्वीकृत्त हुए। इनका कार्य आरंभ नहीं हो पाया है।
वर्ष सांसद निधि मिली खर्च राशि स्वीकृति कार्य पूरे हुए
2019-20 5 करोड़ 2.89 करोड़ 105 90
2020-21 0 2.42 करोड़ 160 80
2021-22 2 करोड़ 0.68 करोड़ 24 20
2022-23 2.50 करोड 3.45 करोड़ 174 50
2023-24 0 2.25 करोड़ 160 20
ये पांच काम करवाए
हाटी का दर्जा दिलाया, हालांकि बाद में कोर्ट में मामला फंस गया।
आईआईएम धौलाकुआं के लिए 309 करोड़, मेडिकल काॅलेज नाहन के लिए 370 करोड़ स्वीकृत
रेणुका डैम परियोजना की स्वीकृति, 6946.99 करोड़ की राशि जारी
ग्रीन कॉरिडोर एनएच 707 पावंटा साहिब- राजवन शिलाई-हाटकोटी के लिए 1426 करोड़ स्वीकृत
मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ के लिए 5000 करोड़ की राशि स्वीकृत
सुन्नी पावर प्रोजेक्ट 382 मेगावाट के लिए 2614.51 करोड़ मंजूर
5 काम जो रहे अधूरे
पांवटा-कालाअंब को रेलवे लाइन से जोड़ना
राजधानी शिमला में टनलों का निर्माण
बागवानों को फायदा देने के लिए अन्य फसलों का समर्थन मूल्य देना
पहाड़ी राज्य में आवास के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान करना
शिमला संसदीय क्षेत्र में हवाई अड्डे का निर्माण
पांच साल में सांसद सुरेश कश्यप एक भी क्षेत्र में नजर नहीं आए। केंद्र सरकार ने हिमाचल के विकास कार्यों की अनदेखी की। अब जनता उन्हें सबक सिखाने वाली है। गोद लिए गांवों की हालत दयनीय है। अब भाजपा नेता दिखाई देने लगे हैं। प्राकृतिक आपदा में शिमला संसदीय क्षेत्र में हुए नुकसान को सांसद ने केंद्र से नहीं उठाया। प्रदेश सरकार की ओर से जनता को राहत दी गई है। -धनीराम शांडिल, 2019 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी