मुकेश और उनकी बेटी आस्था चुनाव लड़ने से इन्कार कर चुके हैं। रघुवीर के चुनाव लड़ने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। इस कारण पार्टी प्रत्याशी तय करने को लेकर पसोपेश में फंसी हुई है। हमीरपुर से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उनकी बेटी आस्था ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया है। दो महीने पहले ही मुकेश की पत्नी डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री का देहांत हुआ था, ऐसे में परिवार चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान पूर्व विधायक सतपाल रायजादा पर दांव खेल सकता है।
हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी ऊना में चुनावी रैली के दौरान रायजादा को इशारों ही इशारों में संभावित प्रत्याशी बोल चुके हैं। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मंत्री दिवंगत जीएस बाली के बेटे रघुवीर सिंह बाली ने भी चुनाव को लेकर अभी भावना व्यक्त की है। उन्होंने हाईकमान को पत्र लिखकर विश्वास में लेने की बात कही है। कांग्रेस हमीरपुर-कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिए प्रत्याशियों को लेकर सर्वे करवा रही है। वहीं, कांग्रेस कमेटी की ओर से भी सुझाव दे दिए गए हैं। अब हिमाचल कांग्रेस ने प्रत्याशियों का फैसला हाईकमान पर छोड़ा है।
दोनों सीटों पर जातीय-क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास
हमीरपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के मुकाबले के लिए पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा के नाम पर फिर मंथन शुरू हो गया है। वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि हमीरपुर सीट से पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को चुनाव लड़ाने की तैयारी थी, लेकिन उनके इन्कार के बाद पार्टी की परेशानियां बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की यह गृह संसदीय सीट है। हमीरपुर जिले के मुख्यमंत्री सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश ऊना जिले के रहने वाले हैं।
सीट से ही तीसरे मंत्री राजेश धर्माणी हैं। चुनाव में तीनों की प्रतिष्ठा दांव पर है। कांगड़ा सीट से विधायक रघुवीर सिंह बाली को प्रत्याशी बनाने के आसार अधिक हैं। बाली ने चुनाव लड़ने से साफतौर पर इन्कार नहीं किया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे को भेजे पत्र में उन्हें बिना विश्वास में लिए प्रत्याशी बनाने की तैयारियों को लेकर नाराजगी जताई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बाली का नाम हाईकमान के पास लंबित है। कांगड़ा सीट से जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर अन्य विकल्पों पर भी विचार अभी जारी है।