देश की 18वीं लोकसभा के लिए दो चरण का मतदान हो चुका है। अंतिम चरण का मतदान 1 जून को है और चार को चुनाव परिणाम आएंगे। आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर लोकसभा चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशी कैसे अपनी उम्मीदवारी सुनिश्चित करने के लिए नामांकन दाखिल करते हैं और चुनाव आयोग को इन्हें कौन-कौन सी जानकारी देनी होती है? चुनाव के दौरान जिले के डीसी को ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी माना जाता है। इन्हीं की देखरेख में प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल करते हैं। किसी भी चुनाव के दौरान जिलेवार स्तर पर जिले का डीसी ही चुनाव की कमान संभालता है। चुनाव के दौरान नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद चुनाव आयोग उम्मीदवार के सारे कागजों की जांच करता है। अगर आयोग को किसी डॉक्यूमेंट में कुछ भी संदिग्ध लगता है, तो उस प्रत्याशी की उम्मीदवारों भी निरस्त कर सकता है। कोई भी प्रत्याशी जिले के डीसी कार्यालय पहुंच कर नामांकन पत्र दाखिल कर सकता है। वहीं, नामांकन के साथ ही उम्मीदवारों को एक निर्धारित जमानत राशि भी चुनाव आयोग के समक्ष जमा करनी होती है। चुनाव अधिकारी के अनुसार कोई भी प्रत्याशी नामांकन पत्र जमा करने की प्रक्रिया के दौरान सीमित गाड़ियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।