मोदी लहर में सियासी जमीन तलाशेंगी कंगना
बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से सबका दिल जीत लेने वाली क्वीन कंगना रणौत के सियासी डेब्यू से सियासी पारा चढ़ गया है। मंडी से कंगना को भाजपा का टिकट मिलने के बाद कांग्रेस के साथ भाजपाई भी सकते में हैं। कई दशकों से टिकट की राह देख रहे कई भाजपा नेता इस निर्णय से अंदरखाते खफा हैं। भाजपा से टिकट के दावेदार महेश्वर सिंह अपनी नाराजगी जता चुके हैं। वहीं, पूर्व प्रत्याशी बिग्रेडियर खुशाल भी टिकट की दौड़ में रहे हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी विचारधारा का अनुसरण करने वाली कंगना ने टिकट मिलने के बाद पहले दिन ही भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन मांगा और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की बात कही। कंगना ने सक्रिय होकर कांग्रेस को घेरा और कांग्रेस नेत्री सुप्रिया पर बेबाकी से पलटवार करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को हिलाया। 2006 में गैंगस्टर फिल्म से डेब्यू करने वाली कंगना का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत न हारते हुए कंगना ने प्रतिभा का लोहा बड़े पर्दे में मनवाया है। सियासी डेब्यू उनके लिए आसान नहीं होगा। मोदी लहर के बहाने सियासी जमीन तलाशने मंडी पहुंची हैं।
चंडीगढ़ में मंथन करेगी कांग्रेस
प्रदेश सरकार और संगठन में समन्वय बनाने के लिए बुधवार को कांग्रेस चंडीगढ़ में मंथन करेगी। प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में उतरने की रणनीति बनाई जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर और मंत्री धनीराम शांडिल शामिल होंगे। बैठक में सरकार और संगठन के बीच चल रहे मतभेद और मनभेद को दूर किया जाएगा। उत्तर भारत में बची कांग्रेस की एकमात्र सरकार को स्थिर रखने के लिए सभी नेताओं को एकजुटता का संदेश देते हुए मजबूती से चुनाव मैदान में उतरने का पाठ पढ़ाया जाएगा।
कंगना के सामने कई चुनौतियां
फिलहाल स्थानीय नेता और विधायक पार्टी लाइन पर उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं। बावजूद इसके उनकी राह पर कई कांटे देखने को मिल सकते हैं। स्टार अभिनेत्री होना भी उनके लिए कई दिक्कतें पैदा करेगा, जबकि कई मायनों यही स्टार अभिनेत्री उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। बॉलीवुड अभिनेत्री होने के चलते हर कोई उन्हें तो पहचानता है, लेकिन वह कितनों को जानती हैं यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस अभी तक मंडी से अपना चुनावी चेहरा साफ नहीं कर पाई हैं। यहां से मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह पहले ही चुनाव लड़ने से इन्कार कर चुकी हैं। कौल सिंह ठाकुर भी चुप्पी साधे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी हाईकमान प्रतिभा को मना लेता है या फिर किसी नए चेहरे को उतारा जाता है।